जामताड़ा:  मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) कार्यक्रम के तहत शनिवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री आलोक कुमार ने जिले के नाला एवं जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न सुनवाई स्थलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुनवाई प्रक्रिया, दस्तावेजों के सत्यापन और मतदाताओं से संबंधित मामलों की स्थिति की जानकारी ली।उपायुक्त ने सबसे पहले जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जेबीसी जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय पहुंचकर दावा एवं आपत्ति सुनवाई कार्य का जायजा लिया। उन्होंने सुनवाई से जुड़े दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन भी किया। इसके बाद पंचायत भवन चापुड़िया एवं सालुका में चल रही सुनवाई प्रक्रिया का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त हुआ है, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत कर वे अपने मताधिकार को सुरक्षित रख सकते हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मनमाने तरीके से मतदाता सूची से नहीं हटाया जा रहा है। प्रत्येक मामले की नियमानुसार जांच और सत्यापन के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।

निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के निर्देश

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। प्रस्तुत दस्तावेजों की नियमानुसार जांच एवं सत्यापन के बाद ही किसी मामले में निर्णय लिया जाए।उन्होंने कहा कि SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।

जनप्रतिनिधियों से जागरूकता फैलाने की अपील

उपायुक्त ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने क्षेत्र के मतदाताओं को SIR की सुनवाई प्रक्रिया के प्रति जागरूक करें। साथ ही पात्र मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित स्थल पर उपस्थित होने के लिए प्रेरित करें।उन्होंने मतदाताओं से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए संबंधित पदाधिकारियों से संपर्क करने की अपील की।

ये अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी कयूम अंसारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी पंकज कुमार रवि, जिला परिवहन पदाधिकारी मुकेश कुमार, भूमि संरक्षण पदाधिकारी सुशांत कण्डुलना सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।