सत्य निकेतन हादसे में बड़ा एक्शन, इमारत का मालिक हरिराम गुप्ता भिवाड़ी से गिरफ्तार
नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को हुए इमारत हादसे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे वाली बहुमंजिला इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता को पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे दिल्ली ला रही है, जहां उससे हादसे को लेकर विस्तार से पूछताछ की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद से ही हरिराम गुप्ता फरार था। उसे पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। आखिरकार ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस को उसकी लोकेशन का पता चला और उसे भिवाड़ी से दबोच लिया गया। इमारत गिरने की घटना के बाद पुलिस ने हरिराम गुप्ता की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस टीम ने उसके पालम विहार स्थित आवास पर भी दबिश दी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसके करीबी लोगों और संभावित सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की। पुलिस को आशंका थी कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह किसी सुरक्षित स्थान पर छिपा हुआ है। लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को उसकी मौजूदगी राजस्थान के भिवाड़ी में मिली, जिसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच के दौरान आरोपी की पहचान को लेकर भी कुछ समय तक असमंजस की स्थिति बनी रही। शुरुआती दस्तावेजों में कहीं उसका नाम हरीराम बंसल तो कहीं अलग तरीके से दर्ज था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी का सही नाम हरिराम गुप्ता है। अब पुलिस उसके दस्तावेजों और इमारत से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। गिरफ्तारी के बाद हरिराम गुप्ता को दिल्ली लाया जा रहा है। पुलिस उससे यह जानने की कोशिश करेगी कि हादसे के बाद वह क्यों फरार हुआ और इमारत में चल रहे PG के संचालन में उसकी क्या भूमिका थी। जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाएगी कि इमारत और PG का संचालन कौन-कौन लोग कर रहे थे और इस पूरे कारोबार में आरोपी के साथ अन्य कौन लोग जुड़े हुए थे। दिल्ली लाने के बाद आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद पुलिस उसे अदालत में पेश कर सकती है और मामले की जांच के लिए कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है। पुलिस की जांच अब सिर्फ सत्य निकेतन की हादसे वाली इमारत तक सीमित नहीं रहने वाली है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में हरिराम गुप्ता की अन्य इमारतें भी हैं। पुलिस अब इन इमारतों की भी जांच करेगी कि वहां PG या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इन भवनों के पास जरूरी अनुमतियां हैं या नहीं और वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं या नहीं। अगर जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित भवनों और उनके संचालन से जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है। गौरतलब है कि 6 सितंबर को दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। इमारत में PG संचालित होने के कारण हादसे के वक्त वहां कई लोग मौजूद थे। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद से राहत और बचाव अभियान चलाया गया। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव दलों ने लगातार अभियान चलाया। अब इमारत के मालिक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच में तेजी आने की उम्मीद है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भवन की स्थिति क्या थी, उसमें PG संचालन की अनुमति थी या नहीं और हादसे से पहले सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।हादसे के तुरंत बाद घर पर दी गई थी दबिश
हरीराम बंसल या हरिराम गुप्ता? नाम को लेकर था भ्रम
दिल्ली लाकर होगी पूछताछ
हरिराम की दूसरी इमारतों की भी होगी जांच
सत्य निकेतन हादसे में अब तक 7 मौतें














