रुगड़ी: आदिवासी जमीन को लेकर रुगड़ी क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। करीब 1.36 एकड़ जमीन पर कथित अतिक्रमण के आरोप को लेकर ग्रामीणों और JLKM से जुड़े लोगों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। इस दौरान विवादित जमीन पर बनी दीवारों को तोड़े जाने की बात सामने आई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि आदिवासी जमीन पर उनकी अनुमति के बिना निर्माण कराया जा रहा था और जमीन पर कथित तौर पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। इसी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी थी। ग्रामीणों और JLKM से जुड़े लोगों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का विरोध किया।

विरोध के दौरान विवादित स्थल पर बनी कुछ दीवारों को तोड़ दिया गया। घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बनी रही। हालांकि, मामले को लेकर किसी बड़े टकराव की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

1.36 एकड़ जमीन को लेकर विवाद

बताया जा रहा है कि पूरा विवाद करीब 1.36 एकड़ आदिवासी जमीन को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन के अधिकार और दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि जमीन पर निर्माण कर उसकी स्थिति बदलने का प्रयास किया जा रहा था।

ग्रामीणों ने प्रशासन से जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होना चाहिए कि जमीन पर किसका वैध अधिकार है और वहां किया गया निर्माण नियमों के अनुरूप है या नहीं।

JLKM और ग्रामीणों ने जताया विरोध

जमीन विवाद को लेकर JLKM से जुड़े लोगों ने भी ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर कथित अतिक्रमण का विरोध किया। ग्रामीणों के साथ मिलकर निर्माण को लेकर आपत्ति जताई गई और विवादित स्थल पर बनी दीवारों को हटाया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि आदिवासी जमीन के अधिकार और सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर विवाद का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

प्रशासन की जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट

फिलहाल जमीन के स्वामित्व, दस्तावेजों और कथित अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच किए जाने के बाद यह सामने आएगा कि जमीन पर निर्माण वैध था या नहीं और कथित अतिक्रमण के आरोप कितने सही हैं।