रांची : 23 सितंबर  सनातन ग्रुप ऑफ एजुकेशन की ओर से बुधवार को झारखंड सिविल सर्विसेज ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट (आईएएस क्लब), रांची में ‘शिक्षा एवं समावेशी विकास : विकसित भारत @ 2047’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में शिक्षा के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामकृष्ण मिशन आश्रम, रांची के सचिव स्वामी भवेशानंद जी महाराज रहे। वहीं झारखंड सरकार के पूर्व अपर मुख्य सचिव एवं गृह सचिव एनएन पांडेय विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

वक्ताओं ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने शिक्षा में आधुनिक तकनीक के साथ नैतिक मूल्यों और भारतीय ज्ञान परंपरा को भी उचित स्थान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रसिद्ध लेखक एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने देश के विकास में नागरिकों और युवाओं की भागीदारी को लेकर अपने विचार रखे। वहीं भारतीय ज्ञान परंपरा के वरिष्ठ विद्वान डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी ने समावेशी युवा विकास के विषय पर चर्चा की। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को रोजगार, सामाजिक जिम्मेदारी और भारतीय संस्कृति से जोड़ने की आवश्यकता बताई।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए एनएन घोष सनातन टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, जमुआरी, कांके के प्राचार्य डॉ. धनंजय प्रसाद ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण और मूल्य आधारित शिक्षा पहुंचने से ही समावेशी विकास संभव होगा।

कार्यक्रम में ऋषिकुल शैक्षणिक संस्थान से जुड़े एनएन घोष सनातन टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, एसबी पांडेय सनातन टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, प्रस्तावित सनातन कॉलेज ऑफ नर्सिंग तथा सनातन विद्या निकेतन के विभिन्न परिसरों के प्रतिनिधि, शिक्षक, शिक्षाविद् और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

संगोष्ठी के दौरान आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और भारतीय ज्ञान परंपरा के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम का समापन गुणवत्तापूर्ण एवं मूल्य आधारित शिक्षा के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के संकल्प के साथ हुआ।