शंकराचार्य मोटर्स में 24.20 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता, दो पूर्व कर्मचारियों पर आरोप
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गितिलीपी चौक स्थित टाटा मोटर्स की कमर्शियल वाहन डीलरशिप शंकराचार्य मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड में 24 लाख 20 हजार 505 रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। कंपनी प्रबंधन ने अपने दो पूर्व कर्मचारियों पर ग्राहकों से वाहन बिक्री के नाम पर रकम लेने और उसे डीलरशिप के खाते में जमा नहीं करने का आरोप लगाया है। प्रबंधन के मुताबिक, मामले में आंतरिक जांच के बाद चाईबासा मुफस्सिल थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, पूर्व सेल्स मैनेजर विदेश राय और पूर्व सेल्स एग्जीक्यूटिव अभिषेक सिंह ने ग्राहकों को वाहन उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर रकम ली, लेकिन उसे कंपनी के खाते में जमा नहीं किया। प्रबंधन की ओर से जारी दस्तावेजों में कथित अनियमितता की कुल राशि 24,20,505 रुपये बताई गई है। कंपनी का दावा है कि जानकारी मिलने के बाद आंतरिक जांच कराई गई थी। जांच के दौरान संबंधित कर्मचारियों द्वारा कथित अनियमितता स्वीकार करने और रकम लौटाने का आश्वासन देने की बात भी प्रबंधन ने कही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रबंधन का कहना है कि कथित अनियमितता की जानकारी मिलने के बावजूद ग्राहकों के हितों को प्राथमिकता दी गई। कंपनी के अनुसार, जिन ग्राहकों से कथित तौर पर रकम ली गई थी, उन्हें कंपनी की ओर से वाहन उपलब्ध कराए गए, जबकि भुगतान की पूरी राशि डीलरशिप को प्राप्त नहीं हुई थी। कंपनी ने कहा है कि ग्राहकों का विश्वास बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। इसके लिए सभी दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन का सत्यापन जरूरी है। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, अकाउंटेंट महेश कुमार चौहान ने 13 अक्टूबर 2026 को चाईबासा मुफस्सिल थाना में शिकायत दर्ज कराई। प्रबंधन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 316(4), 318(4) और 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी दी है। हालांकि, प्राथमिकी की प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं होने के कारण धाराओं और पुलिस की कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। कंपनी ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर आरोप प्रमाणित होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। मामले को लेकर क्षेत्रीय नेता माधव सिंह कुंकल के नेतृत्व में प्रतिष्ठान के बाहर हुए धरना-प्रदर्शन पर भी कंपनी प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा है। प्रबंधन का आरोप है कि प्रदर्शन से प्रतिष्ठान की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। कंपनी ने प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों के भुगतान और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन की आवश्यकता जताई है। प्रबंधन का कहना है कि प्रत्येक ग्राहक के भुगतान, रसीद और वाहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, धरना देने वाले ग्राहकों और माधव सिंह कुंकल का पक्ष इस खबर के लिए स्वतंत्र रूप से उपलब्ध नहीं हो सका है। ऐसे में प्रदर्शन के पीछे किसी साजिश या प्रतिष्ठान को बदनाम करने की मंशा संबंधी आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। शंकराचार्य मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों से वाहन खरीद के दौरान भुगतान को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि ग्राहक शोरूम परिसर के बाहर किसी व्यक्ति को नकद भुगतान न करें। शोरूम में भी केवल अधिकृत कैश काउंटर पर ही रकम जमा करें और प्रत्येक भुगतान के बदले कंप्यूटर से जारी रसीद जरूर लें। ऑनलाइन भुगतान से पहले बैंक खाते में डीलरशिप का सही नाम जांचने और किसी व्यक्ति के निजी यूपीआई खाते में रकम जमा करने से बचने की सलाह दी गई है। कंपनी ने वाहन की डिलीवरी के समय अकाउंट विभाग से भुगतान संबंधी जानकारी सत्यापित कराने और सभी रसीदें सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है। कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि वह ग्राहकों और पश्चिमी सिंहभूम के लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।दो पूर्व कर्मचारियों पर कथित गबन का आरोप
प्रभावित ग्राहकों को वाहन देने का प्रबंधन का दावा
13 अक्टूबर को थाने में दी गई शिकायत
माधव सिंह कुंकल के नेतृत्व में हुए धरने पर भी उठाए सवाल
ग्राहकों के लिए कंपनी ने जारी की एडवाइजरी
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति















