विकास योजनाओं में अनियमितता का आरोप, मुखिया प्रतिनिधि ने आरोपों को बताया निराधार
रामगढ़: जिले के ग्राम पंचायत कटिया बस्ती में सरकारी विकास योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों ने बैठक कर उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। उनका आरोप है कि पंचायत में वर्षों से विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच सका। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में पिछले लगभग दो दशकों से एक ही परिवार का वर्चस्व रहा है। इसके बावजूद शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, नाली और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है। उनका आरोप है कि विकास योजनाओं के लिए मिलने वाली सरकारी राशि का सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया। बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि कटिया बस्ती के अधिकांश परिवार विस्थापित हैं, लेकिन आज भी क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल सके हैं। उन्होंने पंचायत में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि अब ग्रामीण भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट हो चुके हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं करेंगे। बैठक को संबोधित करते हुए पंचायत के पूर्व मुखिया प्रत्याशी एवं समाजसेवी राहुल कुमार सिंह ने कहा कि पंचायत में विकास योजनाओं में हुई कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायतवासियों की आवाज को प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ सभी ग्रामीणों के साथ मिलकर संघर्ष किया जाएगा। हालांकि, दूसरी ओर मुखिया प्रतिनिधि किशोर महतो ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार हैं। बैठक में अजय महतो, सुनील महतो, ईश्वर दयाल महतो, चंदन कुमार, विकास कुमार, संजय कुमार, योगेश्वर महतो, दीपक कुमार महतो, विधान कुमार, महेश महतो, महेंद्र महतो, दिलीप कुमार, अजय कुमार, निक्की कुमार, श्यामलाल महतो, अजीत कुमार, अनिल कुमार, बालकिशुन महतो, संतोष कुमार, रितेश कुमार, आदित्य कुमार, शंकर कुमार, अमर कुमार, गौरी शंकर कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। अब देखना होगा कि ग्रामीणों द्वारा प्रस्तावित ज्ञापन के बाद जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और लगाए गए आरोपों की जांच होती है या नहीं।














