पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण और संक्रमित मरीजों के समुचित उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। सिविल सर्जन साहिर पोल की निगरानी में कुल 20 चिकित्सा टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों ने शनिवार को प्रखंड के 20 अलग-अलग स्थानों पर विशेष जांच शिविर आयोजित किए।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन शिविरों में कुल 2,353 लोगों की मलेरिया जांच की गई। जांच के दौरान 37 लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए। संक्रमित मरीजों को चिकित्सकों की देखरेख में तत्काल दवा दी गई। इसके साथ ही उन्हें बीमारी से बचाव, नियमित रूप से दवा लेने और इलाज का पूरा कोर्स करने के प्रति जागरूक किया गया।स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया संक्रमित मरीजों की नियमित निगरानी के लिए अगले तीन दिनों तक इन शिविरों में अस्थायी रूप से चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्णय लिया है। इस दौरान संक्रमित मरीजों को प्रतिदिन शिविर में बुलाया जाएगा और चिकित्सकों की निगरानी में दवा दी जाएगी।मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।सीएचसी प्रभारी डॉ. सुकांत सीट ने बताया कि कई मरीज एक-दो दिन तक दवा लेने के बाद बीच में ही इलाज छोड़ दे रहे थे। इससे बीमारी को नियंत्रित करने में स्वास्थ्य विभाग को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत संक्रमित मरीजों को प्रतिदिन शिविर में बुलाकर चिकित्सकों की निगरानी में दवा दी जाएगी। इसके साथ ही मरीजों की नियमित देखभाल और स्वास्थ्य निगरानी भी की जाएगी।स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस पहल से संक्रमित मरीजों का पूरा उपचार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही पोटका प्रखंड में मलेरिया के प्रसार को रोकने और बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में भी यह अभियान महत्वपूर्ण साबित होगा।