चैनपुर उग्रवाद खत्म पर नहीं बदला पकनी गांव का हाल बारिश में कट जाता है संपर्क
चैनपुर : एक
ओर देश 5G और डिजिटल क्रांति के
दौर में तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं
चैनपुर प्रखंड का पकनी गांव आज भी सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं
के लिए तरस रहा है। आजादी के दशकों बाद भी करीब 40 घरों की आबादी वाले इस गांव की तस्वीर
विकास के दावों पर सवाल खड़े करती है। बरसात आते ही गांव का संपर्क मुख्य सड़क से
पूरी तरह कट जाता है और ग्रामीणों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं। पकनी
गांव तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं है। ग्रामीण कच्ची पगडंडियों और
खेतों के किनारे बने रास्तों से आवागमन करने को मजबूर हैं। बारिश होते ही यही
रास्ते कीचड़ और जलजमाव से भर जाते हैं। गांव आने-जाने वाले एकमात्र रास्ते में
स्थित नाले में पानी भर जाने के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। इसका सबसे अधिक
असर स्कूली बच्चों पर पड़ता है और कई बार उन्हें स्कूल जाना तक बंद करना पड़ता है। ग्रामीणों
के अनुसार, बरसात के दौरान किसी
व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ जाए
तो स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। एंबुलेंस या अन्य वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते।
ऐसे में मरीजों को खाट पर लादकर कीचड़ भरे रास्ते से मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता
है। ग्रामीणों
ने बताया कि पूर्व में गुमला डीसी के गांव दौरे के दौरान उन्हें समस्याओं से
संबंधित लिखित आवेदन दिया गया था। इसके अलावा ‘सरकार आपके द्वार’ शिविरों में भी कई बार सड़क, बिजली और पानी की समस्या उठाई गई,
लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अब तक
कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों
का कहना है कि पहले पकनी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र होने के कारण विकास कार्य
प्रभावित रहते थे। अब क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने के बावजूद गांव की बुनियादी
समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सामान्य
स्थिति का लाभ पकनी गांव तक आखिर कब पहुंचेगा? रोजगार
की स्थिति भी चिंताजनक है। गांव में स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त साधन नहीं
होने के कारण युवा और मजदूर हिमाचल प्रदेश,
तमिलनाडु और अन्य
दूर-दराज के राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों
ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द पक्की
सड़क, बिजली
और पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि
विकास योजनाओं का लाभ कागजों से निकलकर जमीन पर पहुंचे, तभी पकनी गांव की तस्वीर बदलेगी। मौके
पर दिनेश गोप, गणेश गोप, राजू मुंडा, अनुज गोप, गोबर्धन महतो, जितेंद्र मुंडा, दसरू मुंडा, विजय गोप और राम महतो सहित कई ग्रामीण
मौजूद थे।














