लोहरदगा कोर्ट का बड़ा फैसला: घरेलू हिंसा मामले में पति को सजा, 5 साल तक की जेल और जुर्माना
लोहरदगा: घरेलू हिंसा के एक गंभीर मामले
में लोहरदगा के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM)
कृष्णकांत मिश्रा की अदालत ने बुधवार को
अहम फैसला सुनाया. अदालत ने आरोपी पति मुस्ताक सिद्दीकी को अपनी पत्नी के साथ
मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और क्रूरता के आरोप में दोषी करार दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने
अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान पर गहन विचार किया.
सहायक लोक अभियोजक संदीप टोप्पो ने बताया कि न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड
संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाते हुए अलग-अलग मामलों में तीन वर्ष और
पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके अलावा अदालत ने आरोपी पर कुल 65 हजार रुपये का आर्थिक
दंड भी लगाया है, जिसमें अलग-अलग धाराओं के तहत 25
हजार और 40
हजार रुपये का जुर्माना शामिल है. यह मामला महिला थाना कांड संख्या 12/20 से
जुड़ा है, जिसमें पीड़िता ने अपने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत
दर्ज कराई थी. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने
मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था. अदालत के इस फैसले को महिलाओं के खिलाफ
हो रहे अत्याचारों पर कड़ा संदेश माना जा रहा है. यह निर्णय न केवल पीड़ित महिला
को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है,
बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास
को भी मजबूत करता है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फैसले
घरेलू हिंसा के मामलों में पीड़ितों को आगे आने और न्याय पाने के लिए प्रेरित करते
हैं. साथ ही यह उन लोगों के लिए चेतावनी है,
जो महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं. कुल मिलाकर, यह फैसला महिलाओं की
सुरक्षा और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है.














