कोडरमा: झारखंड राज्य जन वितरण प्रणाली (PDS) के विक्रेताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कोडरमा में PDS डीलरों ने आंबेडकर चौक से समाहरणालय तक पैदल मार्च निकाला और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

इसके बाद जिला डीलर संघ के अध्यक्ष गोपाल कुमार गुतूल की अध्यक्षता में डीलरों ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डीलरों ने अपनी सात प्रमुख मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है।

30 सितंबर तक मांगें नहीं मानी तो राजभवन में धरना

PDS डीलरों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर 30 सितंबर 2026 तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो 1 अक्टूबर 2026 को राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। डीलरों के अनुसार, 1 अक्टूबर को राजभवन के समक्ष धरना दिया जाएगा।

ज्ञापन में दावा किया गया है कि वर्तमान में राज्य के करीब 25,400 जन वितरण प्रणाली विक्रेता कमीशन का भुगतान नहीं होने के कारण आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। डीलरों ने कहा कि कई दुकानदारों की स्थिति बेहद गंभीर है और अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करने में भी मुश्किल खड़ी हो सकती है।

डीलरों की 7 प्रमुख मांगें

1. बकाया कमीशन का भुगतान:
अब तक वितरित PMGKAY, NFSA और JSFSS खाद्यान्न का बकाया कमीशन 30 दिनों के अंदर भुगतान किया जाए। साथ ही NFSA एक्ट की धारा 16 के अनुसार खाद्यान्न आवंटन के साथ ही कमीशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

2. समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए:
आवंटित माह का खाद्यान्न उस माह की शुरुआत से पहले उपलब्ध कराया जाए। यदि ऐसा संभव नहीं है तो खाद्यान्न प्राप्त होने के बाद 30 दिनों तक वितरण की अवधि दी जाए।

3. 50 हजार रुपये प्रतिमाह कमीशन:
डीलरों ने दुकान का किराया, सहायक की मजदूरी और परिवार के भरण-पोषण को देखते हुए 50,000 रुपये प्रतिमाह कमीशन सुनिश्चित करने की मांग की है।

4. स्वास्थ्य योजना का लाभ:
डीलरों ने मांग की है कि मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य चिकित्सा योजना में PDS डीलरों और उनके परिवारों को भी शामिल किया जाए।

5. विभिन्न योजनाएं लागू करने की मांग:
डीलरों ने मुख्यमंत्री दाल योजना, सोया योजना, सरसों तेल योजना और चुनाव पूर्व घोषित 7 किलो अनाज योजना को लागू करने की मांग की है।

6. NIC व्यवस्था में सुधार:
PDS डीलरों ने NIC व्यवस्था में व्यापक सुधार करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत कोषांग बनाने की मांग की है।

7. पेपरलेस व्यवस्था लागू हो:
भारत सरकार के पेपरलेस संचालन संबंधी आदेश को झारखंड में भी लागू करने की मांग की गई है।

सरकार के फैसले पर टिकी नजर

PDS डीलरों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण वे आर्थिक दबाव में काम कर रहे हैं। डीलरों ने सरकार से मांगों पर समय रहते निर्णय लेने की अपील की है।