रांची:  झारखंड में JSSC-CGL पेपर लीक मामले को लेकर सियासी बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक से पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता से पूछताछ करने की मांग की है।

मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि एडीजी मनोज कौशिक को पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता को बुलाकर यह पूछना चाहिए कि कथित तौर पर किसके दबाव में जांच को गलत दिशा दी गई और हाईकोर्ट के सामने गलत जानकारी रखी गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर और “अपराधिक” बताया है।

‘किसके दबाव में ऑल इज वेल वाली रिपोर्ट दी गई?’

बाबूलाल मरांडी का बयान एक सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में आया है, जिसमें JSSC-CGL परीक्षा में पहले दिन से गड़बड़ी के आरोपों के बावजूद हाईकोर्ट के समक्ष कथित तौर पर स्थिति सामान्य होने की रिपोर्ट पेश किए जाने पर सवाल उठाया गया था।

मरांडी ने इसी संदर्भ में जांच की दिशा और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि यदि परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप शुरुआत से सामने आ रहे थे, तो उस समय जांच की स्थिति को लेकर हाईकोर्ट के सामने क्या रिपोर्ट रखी गई और वह रिपोर्ट किस आधार पर तैयार हुई, इसकी जांच जरूरी है।

2023 की JSSC-CGL परीक्षा से जुड़ा है मामला

पूरा विवाद 2023 में आयोजित JSSC-CGL परीक्षा से जुड़ा है। परीक्षा में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद जांच शुरू हुई थी।

सीआईडी की जांच के दौरान कथित तौर पर कुछ अभ्यर्थियों से बड़ी रकम लिए जाने और परीक्षा से पहले सवाल-जवाब उपलब्ध कराने या रटाने से जुड़े दावे सामने आए। मामले में कुछ अभ्यर्थियों और कथित बिचौलियों की गिरफ्तारी भी हुई है।

हाईकोर्ट में भी पहुंचा था मामला

JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद मामला झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंचा। अदालत ने तत्कालीन सीआईडी रिपोर्ट के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था। साथ ही जांच जारी रखने की बात भी कही गई थी।

हालांकि, परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। विपक्ष की ओर से इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी पहले से की जाती रही है।

सीआईडी जांच की निष्पक्षता पर मरांडी ने उठाए सवाल

बाबूलाल मरांडी ने ताजा बयान में सीआईडी की जांच की स्वतंत्रता और उस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।

उनका कहना है कि यदि जांच के शुरुआती चरण में गलत दिशा में जांच की गई या हाईकोर्ट के सामने गलत तथ्य रखे गए, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

पूर्व DGP की भूमिका पर उठे सवाल

मरांडी की मांग के बाद अब JSSC-CGL मामले में तत्कालीन पुलिस नेतृत्व की भूमिका भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है। उन्होंने विशेष तौर पर पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता से पूछताछ की मांग की है।

हालांकि, मरांडी द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक आरोप हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या किसी सक्षम जांच एजेंसी की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने आने तक इन्हें आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

सीबीआई जांच की मांग पर फिर गरमाई सियासत

JSSC-CGL मामले में विपक्ष पहले से ही सीआईडी जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाता रहा है। अब पूर्व डीजीपी से पूछताछ की मांग के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी चर्चा के केंद्र में आ गया है।

फिलहाल निगाहें इस बात पर हैं कि सीआईडी इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है और क्या वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी जांच का दायरा बढ़ाया जाता है।

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