केरेडारी में सांप के डंसने से छह वर्षीय बच्चे की मौत, अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने का आरोप
हजारीबाग: थाना क्षेत्र के पेटो पंचायत स्थित चट्टी पेटो में 15 अगस्त की देर रात जहरीले सांप के डंसने से छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान राजन कुमार के रूप में हुई है। बताया गया कि वह स्टाफ होटल संचालक बिनोद साहू के छोटे भाई पप्पू साहू का पुत्र था। परिजनों के अनुसार, रात करीब 12 बजे राजन को सोने के दौरान जहरीले सांप ने डंस लिया। घटना के बाद परिजन आनन-फानन में बच्चे को इलाज के लिए केरेडारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि घटना के समय केरेडारी सीएचसी में चिकित्सक, नर्स या कंपाउंडर मौजूद नहीं थे और केवल एक गार्ड ड्यूटी पर था। उनका कहना है कि अस्पताल में तत्काल प्राथमिक उपचार और एंटी-वेनम उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चे को हजारीबाग सदर अस्पताल ले जाना पड़ा। हजारीबाग सदर अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने राजन की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर प्राथमिक उपचार और एंटी-वेनम की पहली खुराक मिल जाती तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इस आरोप की स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बच्चे की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश फैल गया। जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों और परिजनों ने शव को केरेडारी अस्पताल परिसर में रखकर विरोध जताया और अस्पताल की रात्रिकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में यदि सरकारी अस्पताल में डॉक्टर और जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी तो गंभीर मरीजों को समय पर इलाज कैसे मिल पाएगा। घटना के बाद केरेडारी क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूरदराज के इलाकों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने केरेडारी और बड़कागांव क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में एनटीपीसी जैसी बड़ी परियोजनाओं और खनन गतिविधियों के बावजूद ग्रामीण इलाकों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की कमी बनी हुई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से घटना की निष्पक्ष जांच, रात के समय अस्पताल में डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मियों की अनिवार्य उपलब्धता तथा पर्याप्त एंटी-वेनम दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।अस्पताल में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी नहीं मिलने का आरोप
शव अस्पताल परिसर में रखकर विरोध की सूचना
सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल














