धनबाद: केंद्र सरकार के MMDR संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने शनिवार को राज्यभर के प्रखंड मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी के तय कार्यक्रम के तहत धनबाद प्रखंड मुख्यालय पर भी झामुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। राज्यभर में 260 प्रखंड मुख्यालयों पर धरना आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

धनबाद में भारी बारिश के बीच बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता रना-प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान पार्टी नेताओं ने MMDR संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग की। विरोध कार्यक्रम के दौरान कीर्तन का आयोजन भी किया गया, जिसके माध्यम से केंद्र सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की गई।धरना कार्यक्रम में झामुमो के वरिष्ठ नेता सह पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, उपाध्यक्ष मुकेश सिंह और रमेश टुडू समेत कई पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।वक्ताओं ने कहा कि उनके अनुसार MMDR संशोधन विधेयक से झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के आर्थिक हितों पर असर पड़ सकता है। झामुमो ने केंद्र सरकार से विधेयक पर पुनर्विचार करने और झारखंड के हितों को ध्यान में रखने की मांग की है।

झामुमो के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर अग्रवाल ने केंद्र सरकार पर झारखंड के राजस्व हितों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है और MMDR संशोधन को लेकर पार्टी अपनी आपत्ति दर्ज करा रही है।वहीं, मुकेश सिंह ने भी पार्टी के विरोध प्रदर्शन और विधेयक को लेकर झामुमो की आपत्तियों को सामने रखा।गौरतलब है कि संसद ने MMDR Amendment Bill 2026 को 13 अगस्त 2026 को पारित किया था और केंद्र सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य प्रमुख खनिज क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता लाना है। केंद्र का कहना है कि संशोधन से राज्यों के भूमि और खनिज संबंधी अधिकार समाप्त नहीं होते तथा खनन से जुड़े करों और वैधानिक भुगतानों का लगभग 90 प्रतिशत राज्यों को मिलता रहेगा। दूसरी ओर, झारखंड सरकार और झामुमो ने संशोधन को लेकर राज्य के खनिज राजस्व और अधिकारों पर प्रभाव की आशंका जताई है। झारखंड सरकार ने इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात भी कही है।