जामताड़ा: जामताड़ा शहर के कायस्थपाड़ा स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी के छठे दिन मनाई जाने वाली कृष्ण छठियारी का पर्व गुरुवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। जामताड़ा की महिलाओं ने धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा।

महिला श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कृष्ण छठियारी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को झूले से उतारकर विधिवत उनके स्थान पर विराजमान कराया गया। इसके बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन और आरती की।

कान्हा को लगाया गया खीर-पूरी का भोग

पूजा-अर्चना के बाद भगवान श्रीकृष्ण को खीर, पूरी और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों का भोग अर्पित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक धार्मिक गीत और भजन प्रस्तुत किए।

भजन-कीर्तन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालु भक्तिभाव में नजर आए। आयोजन में बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और धार्मिक कार्यक्रम का आनंद लिया।

नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का संदेश

मौके पर वंदना नरनोलिया ने कहा कि कृष्ण छठियारी भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के प्रति श्रद्धा और वात्सल्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। महिलाओं और बच्चों की भागीदारी से आयोजन की रौनक और बढ़ गई।

कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण से सभी परिवारों में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई। मौके पर सुमन पांडेय, रीमा सिंह, नीतू चौधरी, वंदना नरनोलिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।