साहिबगंज:  राधानगर थाना क्षेत्र के पतौड़ा स्थित रामसर साइट में प्रतिबंधित क्षेत्र में कथित रूप से मछली पकड़ने से रोकने को लेकर वन विभाग के कर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। घटना में करीब 10 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

बताया गया कि गुरुवार पूर्वाह्न बाघपिंजरा गांव के दो युवक पतौड़ा झील के प्रतिबंधित क्षेत्र में मछली पकड़ने पहुंचे थे। वहां तैनात वनरक्षी अखिलेश मरांडी और अन्य वनकर्मियों ने उन्हें मछली पकड़ने से रोका। इसी बात को लेकर दोनों युवकों और वनकर्मियों के बीच विवाद शुरू हो गया।

आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद वनकर्मी दोनों युवकों को लोहिया भवन गेस्ट हाउस ले गए और वहां बंद कर दिया। इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग गेस्ट हाउस पहुंच गए। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया तथा मामला झड़प में बदल गया।

हंगामे के दौरान गेस्ट हाउस और वन विभाग की गाड़ी के शीशे तोड़े जाने की बात सामने आई है। घटना की सूचना मिलने के बाद राधानगर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कराया। पुलिस ने मामले को शांत कराते हुए घटनास्थल पर स्थिति संभाली।

13 नामजद समेत करीब 100 अज्ञात पर मामला

मामले में पुलिस द्वारा 13 नामजद और करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और घटना से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

मछली पकड़ने और पक्षी के शिकार पर प्रतिबंध

उधवा रेंज ऑफिसर पंचम दूबे ने बताया कि पतौड़ा झील रामसर साइट है, जहां मछली पकड़ने और पक्षियों के शिकार पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि यह पक्षी अभयारण्य क्षेत्र है, जहां देश-विदेश से प्रवासी पक्षी आते हैं। झारखंड की पहली रामसर साइट होने के कारण इसके संरक्षण को लेकर वन विभाग की ओर से विशेष ध्यान दिया जाता है।

रेंज ऑफिसर ने घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि मामले में दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व विधायक अनंत ओझा ने की कार्रवाई की मांग

घटना को लेकर राजमहल के पूर्व विधायक अनंत ओझा ने जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उधवा झील के आसपास बसी बस्ती की जमीन को लेकर उन्होंने विधानसभा में भी सवाल उठाया था। उन्होंने प्रशासन से घटना में शामिल कथित अराजक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना के कारणों, झड़प में शामिल लोगों और तोड़फोड़ की परिस्थितियों को लेकर पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।