दुमका दीपिका पांडेय सिंह कांग्रेस धरना चंदा चोरी एमएमडीआर संशोधन विधेयक झारखंड
दुमका: चंदा चोरी और खान एवं खनिज संशोधन
विधेयक 2026 के
विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन
किया। गोड्डा और दुमका जिला मुख्यालय में आयोजित धरना-प्रदर्शन में झारखंड सरकार
की ग्रामीण विकास, ग्रामीण
कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह मुख्य रूप से शामिल हुईं।इस
दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की
जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस भगवान श्रीराम के नाम पर
भाजपा राजनीति करती है, उसी
नाम पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे को लेकर सवाल खड़े हुए हैं और इसका हिसाब
जनता को दिया जाना चाहिए।मंत्री ने कहा कि भाजपा का राजनीतिक खेल पहले कथित वोट
चोरी से शुरू हुआ और अब चंदा चोरी तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि श्रीराम के
नाम पर एकत्र किए गए चंदे से जुड़े सवालों का जवाब जनता के सामने रखा जाना चाहिए। दीपिका
पांडेय सिंह ने कहा कि खनिज केवल झारखंड की संपत्ति नहीं, बल्कि राज्य की पहचान और अर्थव्यवस्था
की रीढ़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि MMDR संशोधन विधेयक के प्रावधानों से
झारखंड के खनिज राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।मंत्री ने दावा किया कि
संशोधन के बाद कोयले पर राज्य को मिलने वाली राशि 785 रुपये प्रति टन से घटकर 334 रुपये प्रति टन रह गई है। उन्होंने
कहा कि इससे झारखंड के राजस्व पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने अन्य
खनिजों के मामले में भी राज्य को आर्थिक नुकसान होने का आरोप लगाया।हालांकि,
भाजपा और केंद्र सरकार की ओर से MMDR
संशोधन को लेकर अलग पक्ष रखा गया है और
इस पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। मंत्री
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड के खनिज, जंगल, जल और जमीन पर पहला अधिकार राज्य की
जनता का है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर झारखंड के हिस्से की विभिन्न मदों की
राशि और बकाया भुगतान को लेकर सवाल बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे कानून लाकर राज्य की
आर्थिक ताकत और अधिकारों को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने केंद्र
सरकार पर झारखंड के लंबित बकाये को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के
अधिकारों और आर्थिक हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। मंत्री ने कहा कि यदि
राज्य की आर्थिक स्थिति और राजस्व प्रभावित होता है तो इसका असर जनकल्याणकारी
योजनाओं और आम लाभुकों पर भी पड़ सकता है।दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह लड़ाई
केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि
झारखंड के संवैधानिक अधिकारों और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र
सरकार की नीतियों, प्राकृतिक
संसाधनों से जुड़े मुद्दों और चंदे को लेकर उठ रहे सवालों के खिलाफ कांग्रेस की
आवाज सड़क से लेकर संसद तक बुलंद रहेगी।उन्होंने कहा कि झारखंड के अधिकारों को
कमजोर करने के किसी भी प्रयास का कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी और
राज्य के हितों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।MMDR संशोधन से
झारखंड के राजस्व पर असर का आरोप
झारखंड के
अधिकारों को कमजोर करने का आरोप














