हजारीबाग नगर निगम में बढ़े टैक्स और बदहाल बुनियादी सुविधाओं को लेकर जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शहर में 10 प्रतिशत टैक्स वृद्धि के बावजूद सड़क नाली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति खराब बनी हुई है।बरसात का मौसम करीब आने के बावजूद शहर की नालियां कचरे से भरी पड़ी हैं और कई सड़कों पर बड़े बड़े गड्ढे बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में जलजमाव और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या बढ़ जाती है लेकिन इस बार भी तैयारी अधूरी नजर आ रही है।शहर में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है और कई इलाकों में लोगों को पानी के लिए मोटर या वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है।बुधवार को नगर निगम बोर्ड की चौथी बैठक भी बिना किसी ठोस निर्णय के स्थगित हो गई। बताया गया कि महापौर अरविंद राणा कार्यालय में मौजूद थे लेकिन नगर आयुक्त ओमप्रकाश गुप्ता बैठक में शामिल नहीं हुए।इसको लेकर नगर निगम के भीतर महापौर और नगर आयुक्त के बीच समन्वय की कमी की चर्चा तेज हो गई है।महापौर अरविंद राणा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वर्तमान स्थिति में नगर निगम का संचालन प्रभावित हो रहा है और बरसात के दौरान शहर को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि टैक्स बढ़ाने के साथ साथ नगर निगम को बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार सुनिश्चित करना चाहिए।