सरायकेला खरसावां आदित्यपुर और गम्हरिया प्रखंड में झारखंड गृह रक्षा वाहिनी की होमगार्ड बहाली प्रक्रिया अब विवादों में घिर गई है। विज्ञापन संख्या 01/2025 के तहत हुई नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और फर्जी आवासीय प्रमाणपत्र के इस्तेमाल के आरोप लगे हैं।झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी ने उपायुक्त सह अध्यक्ष नवनामांकन समिति को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।शिकायत के अनुसार आदित्यपुर के वार्ड संख्या 31 स्थित एक ही पते सदगुरु वाटिका साई गार्डन A-132 से करीब 73 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया जिनमें से 24 का चयन कर लिया गया। सभी के आवासीय प्रमाणपत्र एक ही पते पर निर्गत होना गंभीर संदेह उत्पन्न करता है।इसी तरह अन्य पतों पर भी संदिग्ध तरीके से चयन होने के आरोप हैं एक पते से 11 में से 8 और जमालपुर पो-आदित्यपुर से आवेदन करने वाले सभी 4 अभ्यर्थियों का चयन किया जाना प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई अभ्यर्थियों का चयन अधूरे या अस्पष्ट पते के आधार पर किया गया जो नियमों का उल्लंघन है।एसोसिएशन ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो आवासीय प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और दोषी पाए जाने पर चयन रद्द कर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।इस पूरे मामले ने जिले में प्रशासनिक हलचल तेज कर दी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह एक बड़े भर्ती घोटाले के रूप में सामने आ सकता है।