रामगढ़ जिले के भुरकुंडा परियोजना कार्यालय परिसर में संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा ने सीसीएल प्रबंधन और बीएलए आर ए माइनिंग कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने परियोजना पदाधिकारी कुमार राकेश सत्यार्थी को छह सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।मोर्चा का आरोप है कि पहले भी सीसीएल प्रबंधन को छह सूत्री मांग पत्र सौंपा गया था लेकिन अब तक किसी भी मांग पर सकारात्मक पहल नहीं की गई। इसके बावजूद विस्थापितों और प्रभावितों को सूचना दिए बिना बीएलए आर ए माइनिंग कंपनी द्वारा संगम खदान का उद्घाटन कर कार्य शुरू कर दिया गया।इसको लेकर विस्थापितों और प्रभावित ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से निम्नलिखित मांगें रखीं भूमि अधिग्रहण के बदले विस्थापित रैयतों को नौकरी मुआवजा और पुनर्वास दिया जाए। संगम खदान की आउटसोर्सिंग कंपनी में स्थानीय विस्थापित बेरोजगारों को 100 प्रतिशत रोजगार मिले। देवरिया बरगांवा कुरसे बलकुदरा और दुन्दुवा गांवों के हित में भुरकुंडा रोड सेल शुरू किया जाए। CSR फंड के तहत चारों राजस्व ग्रामों में प्रति वर्ष एक एक करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए जाएं। यूको पार्क में स्थानीय विस्थापितों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। विस्थापितों को पहचान पत्र जारी किया जाए। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि 16 मई 2026 तक मांगों पर पहल नहीं हुई तो संगम खुली खदान में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी का चक्का जाम किया जाएगा।मोर्चा ने कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी सीसीएल प्रबंधन और प्रशासन की होगी।