हजारीबाग झारखंड की कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस विधायक अम्बा प्रसाद ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पूरे झारखंड की जनता अपराधियों से परेशान और पीड़ित है। राजधानी रांची में स्थिति यह है कि छोटी बड़ी दुकानें रात 8 बजे ही लूट के डर से बंद हो जाती हैं और लगातार हत्या अपहरण जबरन वसूली पेट्रोल पंप लूट और मॉल में डकैती जैसी घटनाएं हो रही हैं।अम्बा प्रसाद ने कहा कि संगठित अपराध जैसे डकैती ट्रैफिकिंग ड्रग्स माफिया वेश्यावृत्ति और जबरन वसूली जैसे अपराधों पर पुलिस चाहें तो पूरी तरह रोक लगा सकती है लेकिन अधिकतर अपराध पुलिस के संरक्षण में ही चल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड के अपराधी फर्जी पासपोर्ट बनाकर विदेश तक भाग जा रहे हैं और पुलिस पूरी तरह विफल साबित हो रही है।उन्होंने कहा कि झारखंड में ड्रग्स का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है और जेल से भी अपराध संचालित हो रहे हैं। साइबर अपराध के कारण जामताड़ा पूरे विश्व में कुख्यात हो चुका है। धनबाद की स्थिति पर तो फिल्में तक बन चुकी हैं जो राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती है।अम्बा प्रसाद ने डीजीपी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस एक तरफ तो गरीबों पर कार्रवाई करने के लिए भारी फोर्स के साथ पहुंचती है लेकिन संगठित अपराध पर कार्रवाई में विफल रहती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पुलिस का डायल नंबर 112 नहीं बल्कि 12 होना चाहिए क्योंकि पुलिस की खुद 12 बज चुकी है।उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में स्पॉन्सर्ड स्वतंत्रताकी स्थिति बन गई है और जो सरकार को स्पॉन्सर करता है सरकार उसी की हो जाती है। उन्होंने कहा कि उग्रवाद मुक्त झारखंड की जगह अब उपद्रव युक्त झारखंड की स्थिति बनती जा रही है।अम्बा प्रसाद के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में कानून व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है और इस पर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।