JPSC पर हाईकोर्ट से बड़ी राहत! 11वीं-13वीं के नियुक्त अभ्यर्थियों पर सरकार के फैसले पर रोक, जानिए पूरा मामला
रांची : झारखंड में चल रहे JPSC-JSSC भर्ती विवाद के बीच 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े नियुक्त अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिलने की खबर सामने आई है। सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया/नियुक्तियों को लेकर लिए गए फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने राहत दी है। हालांकि, इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश की आधिकारिक प्रति और रोक की सटीक अवधि की पुष्टि के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। इसलिए इसे फिलहाल अंतरिम राहत के तौर पर देखा जा रहा है। 11वीं से 13वीं संयुक्त JPSC सिविल सेवा परीक्षा लंबे समय से विवादों में रही है। परीक्षा के परिणाम और चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाएं पहले भी झारखंड हाईकोर्ट में दाखिल हो चुकी हैं। जनवरी 2026 में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए 342 सफल और नियुक्त अभ्यर्थियों को मामले में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया था। अदालत ने माना था कि मामले में आने वाला फैसला इन अभ्यर्थियों के भविष्य को सीधे प्रभावित कर सकता है। अगस्त 2026 में झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के बीच कई परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर बड़े फैसले लिए। सरकार ने 14वीं JPSC PT समेत कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और 11वीं से 13वीं JPSC सहित कई भर्ती प्रक्रियाओं की जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों के सामने नौकरी और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। इसी को लेकर कानूनी लड़ाई तेज हुई। 11वीं से 13वीं JPSC के मामले में 342 सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिल चुका है। हाईकोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि परीक्षा परिणाम को चुनौती देने वाली अपील का सीधा असर इन अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है। इसी वजह से उन्हें मामले में पक्षकार बनाया गया है। अब हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत के बाद इन नियुक्त अभ्यर्थियों को तत्काल बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। झारखंड में पिछले कई दिनों से JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे थे। आंदोलनकारियों ने 11वीं-13वीं JPSC समेत कई परीक्षाओं की जांच और कार्रवाई की मांग उठाई थी। सरकार के साथ बातचीत के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित किया गया है और सरकार को अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए समय दिया गया है। क्या है पूरा मामला?
सरकार के फैसले के बाद बढ़ा विवाद
342 नियुक्त अभ्यर्थियों का भविष्य बना अहम मुद्दा
भर्ती विवाद के बीच आया फैसला














