नालंदा: बिहार के नालंदा जिले में आर्म्स एक्ट के एक फरार आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। कतरीसराय थाना क्षेत्र में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक आरोपी के बैग से 399 सिम कार्ड, छह मोबाइल फोन, चार पेन ड्राइव, एक एटीएम कार्ड और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है।

राजगीर के डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सूचना मिली थी कि अहियाचक-लाल बिगहा मार्ग स्थित एक तीन मंजिला मकान में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बुधवार को छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान लोहराजपुर गांव निवासी सुजीत कुमार, पिता अर्जुन प्रसाद, पुलिस को देखकर बैग छोड़कर भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में बड़ी संख्या में सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए।

आर्म्स एक्ट का फरार आरोपी निकला

जांच में पता चला कि गिरफ्तार सुजीत कुमार पिछले दो वर्षों से आर्म्स एक्ट के एक मामले में फरार चल रहा था। वर्ष 2024 में चोरी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान सीबीआई ने उसके घर और दुकान पर छापेमारी की थी, जहां से एक देसी कट्टा बरामद हुआ था। इसके बाद से वह फरार था।

कोलकाता से सिम कार्ड मंगाने का आरोप

प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी पहले मोबाइल की दुकान चलाता था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर कोलकाता से बड़ी संख्या में सिम कार्ड मंगाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोहों तक पहुंचाने का नेटवर्क तैयार किया। पुलिस के अनुसार, जब्त मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की जांच में कई संदिग्ध साइबर अपराधियों से संपर्क के सुराग मिले हैं।

फिलहाल पुलिस सभी 399 सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि ये सिम कार्ड किन लोगों के नाम पर जारी किए गए थे और इनका इस्तेमाल देश के किन-किन राज्यों में साइबर अपराधों में हुआ।

थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए विभिन्न एजेंसियों की मदद भी ली जा सकती है।