नालंदा: बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ में आषाढ़ गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक बाबा मणिराम लंगोट मेले का शुभारंभ हो गया। सदियों पुरानी परंपरा के तहत जिला प्रशासन की ओर से बाबा मणिराम की समाधि पर विधि-विधान के साथ लंगोट अर्पित की गई। इस दौरान नालंदा की जिलाधिकारी (DM) एवं 2014 बैच की IAS अधिकारी उदिता सिंह सिर पर थाल रखकर बाबा मणिराम के दरबार पहुंचीं और परंपरा का निर्वहन किया। उनके साथ पुलिस अधीक्षक भारत सोनी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

कौन हैं IAS उदिता सिंह?

आईएएस उदिता सिंह वर्तमान में नालंदा की जिलाधिकारी हैं। वे 2014 बैच की बिहार कैडर की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने बी.टेक की पढ़ाई की और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में दूसरे प्रयास में 46वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया।

उदिता सिंह मूल रूप से बिहार के बांका जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बांका में प्राप्त की और बाद में पटना से मैट्रिक परीक्षा उत्कृष्ट अंकों के साथ उत्तीर्ण की। नालंदा की जिम्मेदारी संभालने से पहले वे रोहतास जिले की जिलाधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।

उनके पति शशांक शुभंकर भी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी हैं और झारखंड मूल के बताए जाते हैं।

लंगोट मेले की परंपरा निभाई

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक परंपरा में डीएम उदिता सिंह ने बाबा मणिराम का लंगोट थाल में सजाकर अपने सिर पर रखा और श्रद्धापूर्वक समाधि स्थल तक पहुंचीं। वहां उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर जिले की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर एसपी भारत सोनी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी परंपरा का निर्वहन किया।

मीडिया से बातचीत में डीएम उदिता सिंह ने कहा कि बाबा मणिराम का लंगोट मेला नालंदा की आस्था, संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है, जिसे जिला प्रशासन पूरी श्रद्धा और गरिमा के साथ निभाता है।