औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले में एक दर्दनाक हादसे ने एक पशुपालक परिवार की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। बारुण थाना क्षेत्र के न्यू सोननगर और बगहा रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन की चपेट में आने से 150 से अधिक भेड़ों की मौत हो गई। इस हादसे में स्थानीय पशुपालक ललन पाल को लगभग 20 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है।

परिजनों के अनुसार, ललन पाल का परिवार पूरी तरह भेड़ पालन पर निर्भर था। इन्हीं भेड़ों से होने वाली आय से घर का खर्च चलता था और परिवार ने बेटियों की शादी सहित भविष्य की कई योजनाएं भी इसी पर आधारित कर रखी थीं। हादसे के बाद ललन पाल अपनी मरी हुई भेड़ों को देखकर भावुक हो गए और उनकी आजीविका पर बड़ा संकट खड़ा हो गया।

घटना के बाद रेलवे ट्रैक के आसपास बड़ी संख्या में भेड़ों के शव पड़े रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर शव नहीं हटाए जाने के कारण क्षेत्र में दुर्गंध फैलने लगी है। लोगों ने आशंका जताई कि यदि जल्द सफाई नहीं कराई गई तो संक्रमण और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद काफी देर तक प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास शव पड़े रहने से आवारा जानवर भी वहां पहुंच रहे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है।

ग्रामीणों ने बिहार सरकार, जिला प्रशासन और रेलवे से पीड़ित पशुपालक को तत्काल आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि प्रभावित परिवार को इस कठिन परिस्थिति में राहत मिल सके।

फिलहाल प्रशासन की ओर से मुआवजे या अन्य सहायता को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन और रेलवे के स्तर पर आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।