बिहार में पुलों की सुरक्षा को लेकर चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। भागलपुर के विक्रमशिला पुल को लेकर उठे सवालों के बीच अब पूर्णिया का रेलवे ओवरब्रिज लोगों की चिंता का कारण बन गया है। पुल में दरारें आने के बाद प्रशासन ने एहतियातन भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।

पूर्णिया के खुश्कीबाग और गुलाबबाग के बीच  पूर्णिया जंक्शन के पास स्थित रेलवे ओवरब्रिज पिछले कई महीनों से क्षतिग्रस्त बताया जा रहा है। पुल की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी है और चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।

यातायात डीएसपी रंजन कुमार सिंह के मुताबिक  पुल को डैमेज घोषित किया जा चुका है। इसी कारण ट्रक  बस और ट्रैक्टर जैसे भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। मौके पर निगरानी के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है। हालांकि छोटे वाहनों और कारों की आवाजाही फिलहाल जारी है। प्रशासन ने भारी वाहनों को बेलोरी बाईपास के रास्ते डायवर्ट किया है ताकि पुल पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

जानकारी के अनुसार  करीब 27 करोड़ रुपये की लागत से बने इस रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन वर्ष 2008 में किया गया था। लेकिन निर्माण के कुछ वर्षों बाद ही पुल में दरारें सामने आने लगी थीं। बताया जा रहा है कि वर्ष 2012 में इसमें शुरुआती क्रैक दिखाई दिए थे।

इसके बाद कई बार सुरक्षा उपाय किए गए लेकिन पुल की स्थिति लगातार चिंता बढ़ाती रही। हाल के घटनाक्रमों के बाद एक बार फिर इसे क्षतिग्रस्त मानते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।

स्थानीय लोगों में पुल की हालत को लेकर डर और चिंता का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि करोड़ों की लागत से बने पुल की स्थिति इतनी जल्दी खराब कैसे हो गई और इसकी समय पर मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई।