प्रयागराज में MD ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, 52.932 किलो ड्रग बरामद, 21 आरोपी गिरफ्तार
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मादक पदार्थ बनाने वाली एक कथित फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला इलाके में छापेमारी कर करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद करने का दावा किया है। मौके से ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाले बड़ी मात्रा में रसायन और लैब उपकरण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई नालासोपारा में MD के साथ पकड़े गए दो आरोपियों से शुरू हुई जांच के बाद सामने आए एक बड़े नेटवर्क के आधार पर की गई। मामले में अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की भूमिका ड्रग तैयार करने, रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने, तस्करी, बिक्री, पैडलिंग और आर्थिक लेन-देन से जुड़ी थी। पुलिस के अनुसार, 24 जून की रात करीब 8:40 बजे नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर, मनवेलपाड़ा रोड स्थित प्रिया वॉशिंग सेंटर के पास बाबा पार्किंग परिसर में अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर और रविकांत ओमप्रकाश राम को करीब 112 ग्राम MD के साथ पकड़ा गया था। पुलिस ने बरामद ड्रग की कीमत करीब 3.36 लाख रुपये बताई। इस मामले में तुलिंज पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया और आरोपियों के खिलाफ NDPS कानून के तहत कार्रवाई की गई। जांच और तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को कथित ड्रग नेटवर्क के तार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज तक पहुंचने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, रजनीश मिश्रा और शिवधन मिश्रा के माध्यम से मांडा तहसील के कोसड़ा कला क्षेत्र में MD तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि ड्रग बनाने के लिए खेत की जमीन किराए पर ली गई थी और वहां टीन शेड के अंदर फैक्ट्री तैयार की गई थी। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने मौके पर छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद किया गया। इसके अलावा ड्रग बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले विभिन्न रसायन और लैब उपकरण भी मिले। बरामद सामान में पुलिस ने MMA (Mono methylamine), Acetone, Hydrochloric Acid और Chloroform समेत करीब 260 लीटर रसायन बताए हैं। इसके अलावा 250 और 150 लीटर क्षमता वाले फ्लास्क, हीटिंग मेटल, ड्रॉपिंग फनल, थर्मामीटर और अन्य लैब उपकरण भी बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, पूरे मामले में अब तक कुल 69 किलो 759 ग्राम MD, नकद राशि, करीब 260 लीटर रसायन और ड्रग निर्माण में इस्तेमाल होने वाला लैब सामान बरामद किया जा चुका है। बरामद सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 139 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच में पुलिस को कथित नेटवर्क के कई राज्यों से जुड़े होने की जानकारी मिली है। गिरफ्तार आरोपियों के तार नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल, जलगांव, गुजरात और उत्तर प्रदेश से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह में अलग-अलग लोगों को ड्रग बनाने, रसायन और उपकरण उपलब्ध कराने, तस्करी, बिक्री, पैडलिंग और आर्थिक लेन-देन की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस अब इस कथित संगठित गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है। पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच जारी है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शित्रे, अपर पुलिस आयुक्त संदीप डोईफोडे, पुलिस उपायुक्त गोंडूराम बांगर और सहायक पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में की गई। अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रमोद बडाख, सहायक पुलिस निरीक्षक प्रवीण भोसले समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्रवाई में भूमिका निभाई। साइबर सेल की टीम ने भी जांच में सहयोग किया।नालासोपारा से शुरू हुई जांच
प्रयागराज के खेत में टीन शेड में बनाई थी फैक्ट्री
फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में रसायन और लैब उपकरण बरामद
कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
इन अधिकारियों के नेतृत्व में हुई कार्रवाई














