नई दिल्ली: शिक्षा और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर 21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों पर दिल्ली पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति (Permission) जारी नहीं की गई है और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे पूरी तरह भ्रामक हैं।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, संबंधित संगठन की ओर से प्रदर्शन के लिए एक आवेदन दिया गया था, जिसके बदले केवल आवेदन प्राप्ति रसीद  जारी की गई थी। इस रसीद को कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शन की अनुमति बताकर साझा किया जा रहा है, जबकि यह तथ्यात्मक रूप से गलत है।

रसीद को अनुमति नहीं माना जा सकता

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि आवेदन प्राप्ति रसीद का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि करना होता है। इसे किसी भी सार्वजनिक सभा, धरना या प्रदर्शन की स्वीकृति नहीं माना जा सकता।

पुलिस ने बताया कि वायरल दस्तावेज पर भी स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यह केवल आवेदन प्राप्त होने का प्रमाण है और इसे अनुमति पत्र के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की अपील

दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और उन्हें आगे साझा करने से भी बचें।

पुलिस ने कहा कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम या प्रदर्शन से संबंधित जानकारी के लिए केवल दिल्ली पुलिस के आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचना पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि वायरल पत्र में शिक्षा और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना आयोजित करने का उल्लेख किया गया था। हालांकि, पुलिस के स्पष्टीकरण के बाद स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल इस प्रदर्शन के लिए कोई औपचारिक अनुमति जारी नहीं की गई है।