रांची: शहर में नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराई जा रही नागरिक सुविधाओं की निगरानी के लिए युवा कांग्रेस ने ‘मेरा शहर, मेरा हक’ अभियान शुरू किया है। यह अभियान Better Cities Campaign के तहत चलाया जाएगा। इसके माध्यम से शहर की समस्याओं को चिन्हित कर उन्हें संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने उठाने के साथ समाधान के लिए आवाज बुलंद की जाएगी।

नगर निगम की सुविधाओं की होगी निगरानी

प्रेस वार्ता में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव सिंह ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि नगर निगम की सुविधाओं का लाभ आम लोगों को सही तरीके से मिल रहा है या नहीं।

उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर साफ-सफाई, सड़क, नाली, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति की जानकारी लेंगे। समस्याओं को सामने लाकर उनके समाधान के लिए संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगा जाएगा।

सफाई कर्मियों के लिए लाइफ इंश्योरेंस की मांग

गौरव सिंह ने सफाई कर्मियों की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने में सफाई कर्मियों की अहम भूमिका है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

युवा कांग्रेस की ओर से सफाई कर्मियों के लिए लाइफ इंश्योरेंस की मांग उठाने की बात कही गई है।

रांची नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल

युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने रांची नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रांची में भाजपा के महापौर हैं और ज्यादातर पार्षद भी भाजपा से जुड़े हैं, इसके बावजूद शहर में अपेक्षित विकास और नागरिक सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम बेहतर तरीके से काम नहीं करता है तो युवा कांग्रेस जनता की आवाज बनकर उसके खिलाफ आवाज उठाएगी।

रांची विधायक सीपी सिंह पर भी निशाना

गौरव सिंह ने रांची विधायक सीपी सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक रांची में घूमते नजर आते हैं, लेकिन शहर की समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित काम नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि जनता अब केवल दावों पर भरोसा नहीं करना चाहती, बल्कि जमीनी स्तर पर काम और जवाबदेही चाहती है।

समस्याओं को अधिकारियों तक पहुंचाएगी युवा कांग्रेस

युवा कांग्रेस के मुताबिक, ‘मेरा शहर, मेरा हक’ अभियान के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में जाकर नागरिक सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाएगा। इसके बाद सामने आने वाली समस्याओं को संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा जाएगा।

स्पेशल रेपोर्ट्स