वॉशिंगटन: अमेरिका के 2026 के मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है। चुनावी नतीजों और प्रमुख मीडिया संस्थानों के प्रोजेक्शन के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है। इसके साथ ही अमेरिकी कांग्रेस पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण समाप्त हो गया है।

कई रिपब्लिकन गढ़ों में डेमोक्रेट्स की सेंध

इस चुनाव में डेमोक्रेट्स ने उन राज्यों में भी अहम जीत दर्ज की, जिन्हें परंपरागत रूप से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत क्षेत्र माना जाता रहा है। टेक्सास, साउथ कैरोलिना, कंसास और आयोवा जैसे राज्यों में सीनेट की सीटें डेमोक्रेट्स के खाते में गईं। इसके अलावा ओहायो, नॉर्थ कैरोलिना और मेन में भी पार्टी ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।

प्रतिनिधि सभा में भी डेमोक्रेटिक पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। इन नतीजों ने अमेरिकी राजनीति में सत्ता का संतुलन बदल दिया है।

ट्रंप के एजेंडे के सामने बढ़ेंगी चुनौतियां

दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के बहुमत के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा। बजट, आव्रजन नीति, टैरिफ और सरकार से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण फैसलों पर अब डेमोक्रेट्स की भूमिका निर्णायक होगी। संसद में बहुमत बदलने से ट्रंप प्रशासन के फैसलों की निगरानी और जांच-पड़ताल भी तेज हो सकती है।

2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले अहम संकेत

इन मध्यावधि चुनावों को ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की नीतियों और कामकाज के संदर्भ में भी देखा जा रहा था। महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत, टैरिफ और ईरान के साथ युद्ध जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में रहे। नतीजों से साफ है कि डेमोक्रेट्स ने कई अहम क्षेत्रों में रिपब्लिकन चुनौती को पीछे छोड़ा है।

अब कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के नियंत्रण के साथ वॉशिंगटन में राजनीतिक खींचतान बढ़ने की संभावना है। वहीं, 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले इन नतीजों को दोनों प्रमुख दलों की राजनीतिक स्थिति के अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है।