उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में पति की हत्या और शव को बक्से में बंद कर हाईवे किनारे फेंकने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 40 वर्षीय नेहा रावत ने अपने 28 वर्षीय पति सोनू सविता की हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में कथित तौर पर यूट्यूबर जितेंद्र उर्फ राहुल सिंह की मदद ली। आरोप है कि पहले सोनू को शराब पिलाई गई, फिर सिलबट्टे और बांस से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को कंबल में लपेटकर एक बड़े बक्से में बंद किया गया और किराए के लोडर से करीब 21 किलोमीटर दूर ले जाकर हाईवे की सर्विस लेन पर फेंक दिया गया।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और लोडर के नंबर की मदद से मामले का खुलासा करने का दावा किया है। इस मामले में नेहा, जितेंद्र और दो मजदूरों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, लोडर चालक की घटना में कोई भूमिका नहीं मिली।

नौ साल पहले हुई थी मुलाकात, फिर की कोर्ट मैरिज

पुलिस के मुताबिक, हसनगंज क्षेत्र के पंचमखेड़ा गांव निवासी सोनू सविता की करीब नौ साल पहले लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र के अटौरा निवासी नेहा रावत से मुलाकात हुई थी। उस समय नेहा की शादी जगदीश से हुई थी और उसकी चार बेटियां थीं।

बताया गया कि नेहा अपने पहले पति और बेटियों को छोड़कर सोनू के साथ रहने लगी। दोनों करीब दो साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे। इसके बाद उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली। सोनू के परिवार के कुछ सदस्य शुक्लागंज के कंचननगर में किराए के मकान में रहते थे। बाद में सोनू भी नेहा के साथ इसी इलाके में रहने लगा।

एक ही मकान में रहने वाले YouTuber से बढ़ीं नजदीकियां

पुलिस की जांच में सामने आया कि सोनू और नेहा पिछले करीब एक महीने से कंचननगर में किशन यादव के मकान में किराए पर रह रहे थे। इसी मकान में यूट्यूबर जितेंद्र उर्फ राहुल सिंह भी किराए पर रहता था।

पुलिस का कहना है कि नेहा और जितेंद्र के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं। जांच के अनुसार, पति-पत्नी के बीच विवाद और सोनू की कथित मारपीट से परेशान नेहा ने जितेंद्र के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और उनकी पुष्टि का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

पहले साथ बैठकर पी शराब, फिर किया हमला

पुलिस के अनुसार, सोमवार रात करीब नौ बजे जितेंद्र सोनू के कमरे में पहुंचा। दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। आरोप है कि रात करीब 12 बजे नेहा ने सिलबट्टे से सोनू के सिर पर वार किया। इसके बाद नेहा और जितेंद्र ने कथित तौर पर बांस से भी हमला किया और कंबल से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की तैयारी की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने शव को कंबल में लपेटा और एक बड़े बक्से में रख दिया, ताकि उसे कमरे से बाहर ले जाने के दौरान किसी को शक न हो।

मजदूरों को बुलाकर बक्से में रखवाया शव

पुलिस के मुताबिक, अगले दिन मंगलवार शाम करीब छह बजे जितेंद्र ने 10 हजार रुपये देकर दो मजदूरों को बुलाया। इनमें एक नाबालिग था, जबकि दूसरा तौहीद बताया गया है। दोनों की मदद से शव को बक्से में रखा गया। बक्से के ऊपर कपड़े, कंबल और तकिया भी रखे गए।

इसके बाद करीब 1,200 रुपये किराया देकर एक लोडर बुलाया गया। चालक को बताया गया कि सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाना है। बक्से को लोडर में रखवाने के बाद नेहा, जितेंद्र और मजदूर उसके साथ रवाना हुए।

21 किलोमीटर दूर हाईवे की सर्विस लेन पर फेंका बक्सा

पुलिस के अनुसार, लोडर से बक्से को शुक्लागंज से करीब 21 किलोमीटर दूर उन्नाव-लालगंज हाईवे पर सदर क्षेत्र के ललऊखेड़ा ले जाया गया। मंगलवार रात करीब आठ बजे बक्सा सर्विस लेन पर उतार दिया गया।

रात करीब नौ बजे पास में बुलडोजर रिपेयरिंग की दुकान चलाने वाले व्यक्ति ने सड़क किनारे पड़े बक्से को देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बक्सा खुलवाया तो उसमें शव मिला। इसके बाद जांच शुरू की गई।

CCTV फुटेज से खुला मामला, चार लोग गिरफ्तार

एसपी जयप्रकाश सिंह के मुताबिक, गदनखेड़ा चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में वह लोडर नजर आया, जिसका इस्तेमाल बक्सा ले जाने में किया गया था। वाहन के नंबर के आधार पर पुलिस चालक तक पहुंची और पूछताछ के दौरान जांच आगे बढ़ी।

पुलिस ने नेहा, जितेंद्र, तौहीद और एक नाबालिग मजदूर को गिरफ्तार किया है। एसपी के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया है और सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि लोडर चालक की इस वारदात में संलिप्तता नहीं मिली।

मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।