राजगढ़: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में अजनार नदी की सफाई को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के बीच नगर पालिका ने सफाई अभियान चलाया। नवरात्रि के दौरान माता की प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद नदी में जमा कचरे और प्रतिमाओं के अवशेषों को हटाने के लिए नगर पालिका की टीम ने देर रात तक काम किया। इस दौरान नदी से करीब दो ट्रक कचरा निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।

नदी से निकाला गया दो ट्रक कचरा

ब्यावरा नगर पालिका की टीम ने अजनार नदी में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान के दौरान नदी से कचरा और क्रेन की मदद से 100 से अधिक माता की प्रतिमाओं के अवशेष बाहर निकाले गए।

इस कार्रवाई के दौरान नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) इकरार अहमद और नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन कुशवाहा देर रात तक नदी तट पर मौजूद रहे। प्रतिमा विसर्जन के बाद नदी में जमा अवशेषों को हटाने और सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों ने काम किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था सफाई का दावा

अजनार नदी की सफाई को लेकर सोशल मीडिया पर ‘बिट्टू तबाही’ नाम के यूजर का दावा चर्चा में आया था। इसके बाद नदी की सफाई और उसके लिए किए गए प्रयासों को लेकर बहस शुरू हो गई।

नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि नदी की सफाई का काम लंबे समय से नियमित रूप से किया जा रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए व्यक्तिगत दावों और प्रशासन के बयान के बीच उठे सवालों पर किसी स्वतंत्र जांच या तुलनात्मक साक्ष्य का विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए वायरल दावे को पूरी तरह गलत ठहराने से पहले संबंधित तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।

वर्ष 2017 से सफाई अभियान चलाने का दावा

नगर पालिका सीएमओ इकरार अहमद के अनुसार, अजनार नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए वर्ष 2017 से समय-समय पर विशेष सफाई अभियान चलाए जाते रहे हैं। इस काम में नगर पालिका के कर्मचारियों के साथ शहर के सामाजिक संगठन भी सहयोग करते हैं।

प्रशासन के मुताबिक, नदी की सफाई केवल किसी एक अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे लगातार चलाए जाने वाले प्रयासों के रूप में देखा जाना चाहिए।

विसर्जन के बाद नगर पालिका ने संभाली जिम्मेदारी

नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन कुशवाहा ने बताया कि ब्यावरा के अलावा राजगढ़ जिले के दूसरे इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग माता की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अजनार नदी पहुंचते हैं। बुधवार देर रात तक विसर्जन का सिलसिला जारी रहने के कारण नदी तट पर सफाई की जरूरत बढ़ गई थी।

ऐसे में नगर पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर कचरा और प्रतिमाओं के अवशेष हटाए। इस अभियान के जरिए नदी की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास किया गया।

नदी की नियमित सफाई और निगरानी जरूरी

अजनार नदी में प्रतिमा विसर्जन के बाद कचरा जमा होने का मामला नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की जरूरत को भी सामने लाता है। नियमित सफाई, विसर्जन के बाद अवशेषों का उचित निपटान और नागरिकों की भागीदारी से नदी को स्वच्छ रखने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल, नगर पालिका ने सफाई अभियान और वर्ष 2017 से चल रहे प्रयासों की जानकारी दी है। सोशल मीडिया पर किए गए दावों की वास्तविकता को लेकर निष्कर्ष निकालने के लिए सभी पक्षों के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान जरूरी है।