रांची: JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी बीच एक महिला अभ्यर्थी का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला।

महिला अभ्यर्थी ने गुस्से में कहा कि अगर सरकार तानाशाही करेगी तो आंदोलनकारी भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने आगामी आंदोलन में हंसुआ लेकर आने और कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी। हालांकि, यह बयान उनके आक्रोश और विरोध के संदर्भ में सामने आया है।

पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

महिला अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज करने वाले कई पुलिसकर्मियों और महिला पुलिसकर्मियों की वर्दी पर नेम प्लेट तक नहीं थी। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को कहां से बुलाया गया था।

उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अवैध गतिविधियों को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस को अपराध और अवैध कारोबार पर भी ध्यान देना चाहिए।

JPSC की परीक्षा व्यवस्था पर भी तंज

महिला अभ्यर्थी ने JPSC की परीक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं को लेकर भी व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि JPSC के सिलेबस में एक ऐसी किताब भी होनी चाहिए, जिसमें सिर्फ ‘सर-सर’ लिखा हो। उनके मुताबिक, यह टिप्पणी सरकारी तंत्र के दबाव में काम करने के आरोपों पर तंज के तौर पर की गई।

विधानसभा घेराव के दौरान हुआ था लाठीचार्ज

बता दें कि रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों की ओर से विधानसभा घेराव के लिए मार्च किया गया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी और पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस के गोले भी दागे। कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने का दावा किया गया है।

लाठीचार्ज के बाद छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई है। अभ्यर्थी भर्ती प