गुमला उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी कार्यालय की जिला स्थापना शाखा की ओर से राजस्व उप निरीक्षकों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन को लेकर 31 जुलाई 2026 को आदेश जारी किया गया था। इस आदेश में घाघरा अंचल में पदस्थापित राजस्व उप निरीक्षक आनंद कुमार डुंगडुंग का स्थानांतरण अंचल कार्यालय भरनो किया गया।

आदेश में स्पष्ट रूप से संबंधित राजस्व उप निरीक्षकों को तीन दिनों के भीतर नवपदस्थापित अंचल कार्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया था। साथ ही अगस्त 2026 से स्थानांतरित कर्मियों के वेतन एवं भत्ते का भुगतान नवपदस्थापित कार्यालय से किए जाने का उल्लेख किया गया था।

आदेश के बावजूद घाघरा में कार्य करने का आरोप

आरोप है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद आनंद कुमार डुंगडुंग ने भरनो अंचल कार्यालय में योगदान नहीं दिया और अब भी घाघरा अंचल में रहकर राजस्व संबंधी कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि वे जमीन, राजस्व एवं अन्य मामलों से संबंधित कार्यों को लगातार देख रहे हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि जिला स्थापना शाखा के आदेश के बावजूद घाघरा में उनके कार्य करने की स्थिति कैसे बनी हुई है।

कार्यालय में भू-माफियाओं के जमावड़े का आरोप

स्थानीय लोगों की ओर से यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि राजस्व उप निरीक्षक के कार्यालय में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर कथित तौर पर भू-माफियाओं और बिचौलियों का जमावड़ा लगा रहता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मामले में अब प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि स्थानांतरण आदेश के बाद संबंधित कर्मचारी ने नवपदस्थापित कार्यालय में योगदान किया है या नहीं और यदि नहीं किया है तो घाघरा में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की अनुमति किस स्तर से प्राप्त है।

प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में स्थानांतरण एवं पदस्थापन आदेश का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में आदेश के अनुपालन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब लोगों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर है।

मामले में राजस्व उप निरीक्षक आनंद कुमार डुंगडुंग का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कराता है या नहीं और यदि स्थानांतरण आदेश की अवहेलना की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।