मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण और एसएमएएम योजना के तहत लाभुकों को मिले आधुनिक कृषि यंत्र, 40 किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर पंपसेट वितरित
रामगढ़: किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि यंत्रों से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को कैथा स्थित भूमि संरक्षण कार्यालय परिसर में कृषि यांत्रिकीकरण वितरण मेला आयोजित किया गया। मेले में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत किसानों को 50 से 90 प्रतिशत तक अनुदान पर ट्रैक्टर, मिनी ट्रैक्टर, पंपसेट और अन्य कृषि उपकरण उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम में रामगढ़ विधायक ममता देवी, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो, उपायुक्त ऋतुराज, झारखंड सरकार के भूमि संरक्षण निदेशक विकास कुमार, सहायक निदेशक सर्वे विवेक मिश्रा, भूमि संरक्षण पदाधिकारी कंचन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. प्रभात शंकर, जेएसएलपीएस की डीपीएम रीता सिंह और सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कृषि यांत्रिकीकरण वितरण मेले में मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना के तहत दो लाभुकों को 50 प्रतिशत अनुदान पर ट्रैक्टर दिए गए। वहीं, एसएमएएम योजना के तहत आठ लाभुकों को 80 प्रतिशत अनुदान पर बड़े ट्रैक्टर और तीन लाभुकों को 80 प्रतिशत अनुदान पर मिनी ट्रैक्टर उपलब्ध कराए गए। पंपसेट वितरण योजना के तहत 1.5 से 3 एचपी और 3 से 5 एचपी क्षमता वाले पंपसेट के साथ सोलर पंपसेट वितरण के अंतर्गत कुल 40 लाभुकों को 90 प्रतिशत अनुदान पर पंपसेट दिए गए। इसके अलावा व्यक्तिगत कृषि यंत्र योजना के तहत तीन लाभुकों को 80 प्रतिशत अनुदान पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामगढ़ विधायक ममता देवी ने कहा कि कृषि यांत्रिकीकरण किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरण मिलने से खेती में लगने वाले समय और श्रम में कमी आएगी। उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और आधुनिक तकनीक अपनाकर कृषि उत्पादन बढ़ाने की अपील की। बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि ट्रैक्टर, पंपसेट और अन्य कृषि उपकरणों से किसानों की मेहनत और खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया। मांडू विधायक निर्मल महतो ने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है। कृषि यांत्रिकीकरण से कम समय और कम श्रम में बेहतर उत्पादन हासिल करने में मदद मिलेगी। उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि कृषि यांत्रिकीकरण किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत 50 से 90 प्रतिशत तक अनुदान पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर किसान भी आधुनिक संसाधनों का उपयोग कर सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पात्र किसानों तक पहुंचाया जाए। भूमि संरक्षण निदेशक विकास कुमार ने भी कहा कि आधुनिक कृषि उपकरण खेती को सुविधाजनक और अधिक उत्पादक बनाने में सहायक होंगे। भूमि संरक्षण पदाधिकारी कंचन ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक सर्वे, भूमि संरक्षण, हजारीबाग विवेक मिश्रा ने किया।विभिन्न योजनाओं के तहत वितरित किए गए कृषि उपकरण
आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने की अपील
पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता : उपायुक्त














