अभिभावक शिक्षक समन्वय से ही मजबूत होगा बच्चों का भविष्य अशोक मिश्रा
गिरिडीह: पीएम
श्री शारदा कन्या मध्य विद्यालय, पंचम्बा
में द्वितीय अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन विद्यालय की
अध्यक्ष रेशमी देवी की अध्यक्षता में
किया गया। बैठक में विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के माता-पिता एवं
अभिभावकों के साथ जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं,
पदाधिकारी, विद्यालय प्रबंधन समिति और माता समिति
के सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम में सैकड़ों अभिभावकों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम
की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद विद्यालय पहुंचे अभिभावकों और
गणमान्य लोगों का तिलक-चंदन लगाकर स्वागत किया गया। बैठक में बच्चों की शिक्षा,
नियमित उपस्थिति, सुरक्षा, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यालय में
संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक
को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक सह सचिव अशोक
कुमार मिश्रा ने कहा कि अभिभावक और शिक्षक के बीच
बेहतर समन्वय से ही बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने
कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न
गतिविधियां और सरकारी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य बच्चों को
बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना और उनकी सीखने की क्षमता को बढ़ाना है। प्रधानाध्यापक
ने अभिभावकों को विद्यालय में संचालित रेल
परीक्षा, एफएलएन,
निपुण भारत, नशा मुक्ति अभियान, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, शत-प्रतिशत नामांकन, शत-प्रतिशत ठहराव, मध्याह्न भोजन (एमडीएम), स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार, विद्यालय प्रमाणीकरण, आयरन गोली वितरण और शैक्षणिक भ्रमण समेत अन्य गतिविधियों
की जानकारी दी। अशोक
कुमार मिश्रा ने बताया कि छात्र-छात्राओं के लिए कोलकाता
शैक्षणिक भ्रमण की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा
गणित एवं विज्ञान के मूल्यांकन और अर्द्धवार्षिक परीक्षा से संबंधित गतिविधियां भी
संचालित की जा रही हैं। उन्होंने
अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को विद्यालय में संचालित सभी कार्यक्रमों का
लाभ दिलाएं और उनकी पढ़ाई को लेकर नियमित रूप से रुचि लें। उन्होंने
अभिभावकों से विद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने की भी अपील की।
उन्होंने कहा कि अभिभावक विद्यालय की कक्षाओं, परिसर, प्रयोगशाला और आईसीटी
लैब का
भ्रमण करें तथा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव दें। प्रधानाध्यापक
ने अभिभावकों से बच्चों की कॉपियां नियमित रूप से जांचने की अपील करते हुए कहा कि
इससे उनकी पढ़ाई की स्थिति का पता चलता रहेगा और कमियों को समय रहते दूर किया जा
सकेगा। बैठक
में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम पर भी विशेष चर्चा की
गई। प्रधानाध्यापक ने बताया कि 15 वर्ष
से अधिक आयु के निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम चलाया
जा रहा है। उन्होंने
अभिभावकों और ग्रामीणों से अपील की कि यदि उनके आसपास 15 वर्ष से अधिक आयु का कोई निरक्षर
व्यक्ति है, तो
उसका नाम विद्यालय में दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि आगामी 20 सितंबर को आयोजित परीक्षा में संबंधित लोगों को
शामिल कराया जाएगा। बैठक
के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने, बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित
करने, अभिभावकों की
सहभागिता बढ़ाने और छात्र-छात्राओं को सरकारी योजनाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों का
अधिक से अधिक लाभ दिलाने पर जोर दिया गया। इस
अवसर पर अशोक कुमार मिश्रा, तनु प्रिया, स्वीटी कुमारी, रेशमी देवी, सरिता देवी, ललिता, काजल, प्रींसू रानी, सारिका, सोनी, पूजा देवी और राखी देवी समेत विद्यालय के
शिक्षक-शिक्षिकाएं, समिति
के सदस्य और सैकड़ों अभिभावक उपस्थित रहे। बच्चों
के भविष्य के लिए अभिभावक-शिक्षक समन्वय जरूरी
कोलकाता शैक्षणिक भ्रमण की भी व्यवस्था
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम पर चर्चा















