धनबाद: न्यू गोधर-कुसुंडा कोलियरी के गोधर छह खिलान धौड़ा में भू-धसान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को आबादी के बीच एक बार फिर जमीन धंसने से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। पांच अगस्त को हुई भू-धसान की घटना का दायरा बढ़ने के साथ करीब तीन फीट चौड़ा और पांच फीट लंबा गोफ बन गया।

वहीं, दिन करीब 12 बजे तीन नंबर चानक के समीप 18 मई को हुई भू-धसान की घटना से कुछ दूरी पर तेज आवाज के साथ 25 फीट से अधिक व्यास का गोलाकार गोफ बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोफ से लगातार गैस निकलने की बात भी सामने आई। सूचना मिलते ही बीसीसीएल प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र की फेंसिंग कराने की प्रक्रिया शुरू की।

इलाका पहले से घोषित है असुरक्षित

भू-धसान की लगातार घटनाओं को देखते हुए बीसीसीएल प्रबंधन इस क्षेत्र को पहले ही असुरक्षित घोषित कर चुका है और कई स्थानों पर फेंसिंग भी कराई गई है। इसके बावजूद धौड़ा में अभी भी करीब एक दर्जन से अधिक लोग रह रहे हैं।

भू-धसान की घटनाओं के बाद प्रबंधन की ओर से धौड़ा के कुछ परिवारों को बेलगढ़िया शिफ्ट कराया गया है। लेकिन बाकी परिवारों के अब भी यहां रहने से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

फेंसिंग करने पहुंची टीम को स्थानीय लोगों ने रोका

गोफ बनने की सूचना मिलने के बाद बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से फेंसिंग के लिए टीम भेजी गई। शुरुआत में स्थानीय लोगों ने टीम को काम करने से रोक दिया।

स्थानीय लोगों का आरोप था कि प्रबंधन भू-धसान या गोफ बनने के बाद ही सक्रिय होता है। उनका कहना है कि घटना के बाद फेंसिंग कर लोगों को बेलगढ़िया शिफ्ट करने और वहां बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन गोफ की भराई के बाद शिफ्टिंग की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है।

बेलगढ़िया जाने को तैयार, लेकिन सुविधाओं की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे असुरक्षित क्षेत्र से बेलगढ़िया शिफ्ट होने के इच्छुक हैं, लेकिन वहां पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण परेशानी है।

लोगों ने कहा कि यदि बेलगढ़िया में पेयजल, सड़क, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित कर दी जाएं तो उन्हें वहां जाने में कोई आपत्ति नहीं है।

बाद में न्यू गोधर-कुसुंडा कोलियरी प्रबंधन के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से फोन पर बातचीत कर उन्हें समझाया। इसके बाद लोग फेंसिंग के लिए सहमत हुए और चानक के समीप बने गोफ की घेराबंदी कराई गई।

पहले भी हो चुकी हैं कई घटनाएं

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके में पहले भी कई बार भू-धसान की घटनाएं हो चुकी हैं। पूरा क्षेत्र अग्नि प्रभावित घोषित है। ऐसे में लगातार हो रही भू-धसान की घटनाओं और शिफ्टिंग प्रक्रिया में देरी से लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।

लोगों का कहना है कि जब क्षेत्र असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, तो वहां रहने वाले सभी परिवारों को जल्द सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

क्या कहते हैं अधिकारी

न्यू गोधर-कुसुंडा कोलियरी के पीओ दिलीप कुमार ने कहा कि पूरा इलाका अग्नि और भू-धसान प्रभावित क्षेत्र है। कुछ लोगों को बेलगढ़िया शिफ्ट कराया गया है और अन्य लोगों को भी जल्द शिफ्ट कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बेलगढ़िया में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित एजेंसी से बातचीत की जा रही है। पीओ ने लोगों से भू-धसान प्रभावित क्षेत्र को छोड़कर बेलगढ़िया शिफ्ट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वहां सभी जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।