MMDR बिल के विरोध में JMM का बड़ा ऐलान, वापस नहीं लिया तो आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी
रांची: खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक यानी MMDR बिल को लेकर झारखंड में सियासी विरोध तेज हो गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने केंद्र सरकार पर बिल को जल्दबाजी में पारित कराने का आरोप लगाते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने बिल वापस नहीं लिया तो झारखंड में बड़ा आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आर्थिक नाकेबंदी का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। JMM महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि इस विधेयक का सबसे ज्यादा प्रभाव झारखंड पर पड़ने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा और राज्यसभा में बिल को पर्याप्त चर्चा के बिना जल्दबाजी में पारित कराया गया। विनोद पांडेय के मुताबिक, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है। JMM महासचिव ने बताया कि पार्टी ने बिल के खिलाफ अपनी रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी की जिला कमेटियों और विभिन्न संगठनात्मक इकाइयों को आंदोलन के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत की है और उन्हें हर परिस्थिति में विधेयक का विरोध करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। विनोद पांडेय ने कहा कि बिल के खिलाफ धरना-प्रदर्शन, जनजागरण और अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी अपनी आगे की पूरी रणनीति का खुलासा उचित समय पर करेगी। JMM नेता ने केंद्र सरकार को सबसे कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिल वापस नहीं लिया गया तो झारखंड से खनिज पदार्थों के बाहर जाने को रोकने का कदम उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में झारखंड से बाहर खनिजों का आवागमन बंद किया जाएगा और इसका असर पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। हालांकि आर्थिक नाकेबंदी जैसी किसी कार्रवाई की वास्तविक रूपरेखा और समयसीमा फिलहाल पार्टी ने स्पष्ट नहीं की है। MMDR बिल को लेकर JMM के इस रुख के बाद केंद्र और झारखंड सरकार के बीच सियासी टकराव और तेज होने के संकेत हैं। अब नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार बिल को लेकर JMM और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आपत्तियों पर क्या रुख अपनाती है और राज्य में पार्टी आगे किस तरह का आंदोलन शुरू करती है।JMM ने बिल को लेकर जताया विरोध
हेमंत सोरेन ने पार्टी नेताओं को किया तैयार
धरना-प्रदर्शन से लेकर जनजागरण तक आंदोलन
बिल वापस नहीं हुआ तो आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी
झारखंड में बढ़ सकता है सियासी टकराव














