JPSC Student Protest: तीन दिनों की पूछताछ के बाद पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते जेल भेजे गए
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से तीन दिनों तक
पूछताछ करने के बाद सीआईडी ने सोमवार को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
सीआईडी ने तीन दिन पहले उन्हें रिमांड पर लेकर जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में
कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं से जुड़े मामलों में पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान सीआईडी ने परीक्षा
संचालन से जुड़ी TDPL कंपनी की जेपीएससी में एंट्री को लेकर पूर्व
अध्यक्ष एल. खियांग्ते से सवाल किए। बताया जा रहा है कि पूछताछ में कंपनी को
परीक्षा प्रक्रिया से जोड़ने और उससे संबंधित फैसलों के बारे में जानकारी ली गई। खियांग्ते ने सीआईडी के समक्ष अपना पक्ष
रखते हुए खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि कई ऐसी बातें थीं, जिनकी जानकारी उन्हें नहीं थी और आयोग
के समक्ष जो भी विषय आए, उन
पर उन्होंने नियमों के अनुरूप निर्णय लिया। पूर्व JPSC अध्यक्ष के अनुसार, TDPL
कंपनी JSSC में ब्लैकलिस्टेड नहीं थी, बल्कि उसे डी-इंपैनल किया गया था। उन्होंने जेपीएससी के
सदस्यों और TDPL के
पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की ओर से लगाए गए आरोपों को भी बेबुनियाद
बताया। खियांग्ते का कहना है कि आयोग के समक्ष
जो भी मामले आए, उनमें
उन्होंने उपलब्ध जानकारी और प्रक्रिया के आधार पर उचित निर्णय लिया। उन्होंने अपने
ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। सीआईडी ने खियांग्ते को तीन दिनों तक
रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ की अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को उन्हें
न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर
चल रही जांच में सीआईडी लगातार अलग-अलग आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी
कथित पैसे के लेन-देन, परीक्षा
संचालन से जुड़ी कंपनियों की भूमिका और आयोग के तत्कालीन पदाधिकारियों की भूमिका
की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। मामले
में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद
ही होगी।TDPL की
एंट्री को लेकर हुई पूछताछ
TDPL को
लेकर खियांग्ते ने क्या कहा?
तीन
दिन की पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत














