नई दिल्ली: वंदे मातरम् को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वंदे मातरम् को लेकर पार्टी का रुख मुसलमानों को खुश करने की कोशिश का हिस्सा है।

मौलाना रशीदी ने कहा कि देश में मुसलमानों की आबादी बड़ी है और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें। उन्होंने दावा किया कि वंदे मातरम् की कुछ पंक्तियों को लेकर मुस्लिम समुदाय की आपत्तियों के बाद कांग्रेस ने 1937 में एक प्रस्ताव के जरिए उन पंक्तियों को हटाने का समर्थन किया था।

भाजपा से भी की अपील

मौलाना साजिद रशीदी ने भाजपा से भी वंदे मातरम् को लेकर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन पंक्तियों को लेकर आपत्ति है, उन्हें हटाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ कोई बात जबरन नहीं थोपी जानी चाहिए। रशीदी ने भाजपा से विवादित छह पंक्तियों को हटाने का अनुरोध किया।

सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर भी प्रतिक्रिया

सोनिया गांधी के रुख को लेकर पूछे गए सवाल पर मौलाना रशीदी ने कहा कि हर राजनीतिक नेता की जिम्मेदारी है कि वह देश के अलग-अलग धर्मों की भावनाओं को समझे और उनका सम्मान करे।

वहीं राहुल गांधी और कांग्रेस से माफी मांगने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीति दोनों तरफ से हो रही है। उनके मुताबिक, भाजपा वंदे मातरम् को प्रमोट कर रही है, जबकि कांग्रेस उसके कुछ हिस्सों का विरोध कर रही है। ऐसे में कांग्रेस से माफी मांगने की मांग उचित नहीं है।

कांग्रेस पर लगाया मुस्लिम वोट बैंक का आरोप

मौलाना रशीदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने लंबे समय तक मुस्लिम समुदाय को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत है।