झारखंड के राजस्व लक्ष्य पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर नाराज, बोले- दिसंबर तक प्रदर्शन नहीं सुधरा तो होगी कार्रवाई
रांची: झारखंड में राजस्व संग्रहण के लक्ष्य को लेकर वाणिज्य-कर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। प्रोजेक्ट भवन, धुर्वा स्थित सभागार में हुई बैठक में अगस्त 2026 तक राज्य के राजस्व संग्रहण की स्थिति की समीक्षा की गई। निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले कम राजस्व संग्रहण पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कर वसूली, कर चोरी पर रोक और लंबित बकाया की वसूली तेज करने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि अगस्त 2026 तक निर्धारित 41 प्रतिशत राजस्व संग्रहण के मुकाबले राज्य में केवल 34.05 प्रतिशत उपलब्धि हुई है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राजस्व संग्रहण को केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि कर चोरी रोकने और बकाया राशि की वसूली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। समीक्षा बैठक में Mines, Real Estate, Jewellery, Cement, Transportation और Scrap Traders जैसे राजस्व की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को इन क्षेत्रों में कारोबार के वास्तविक स्तर और घोषित कारोबार की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां कारोबार के वास्तविक स्तर और घोषित कारोबार में अंतर मिले, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही VAT और GST से संबंधित लंबित बकाया राशि की भी अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। मंत्री ने बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर वसूली अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र की नीतियों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि GST Rationalisation के कारण झारखंड को लगभग ₹4,000 करोड़ के राजस्व नुकसान का अनुमान है। उन्होंने यह भी कहा कि VB-G RAM-G में केंद्र-राज्य हिस्सेदारी में बदलाव के कारण राज्य पर लगभग ₹4,000 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार आने का आकलन है। मंत्री के अनुसार, केंद्र स्तर पर लिए गए विभिन्न फैसलों का असर झारखंड के वित्तीय संसाधनों पर पड़ रहा है। वाणिज्य-कर मंत्री ने MMDR Amendment Act, 2026 के प्रावधानों को भी झारखंड के लिए चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों में राज्य सरकारों द्वारा mineral rights अथवा mineral-bearing lands पर टैक्स, सेस या अन्य लेवी लगाने को लेकर प्रतिबंध का प्रावधान किया गया है। मंत्री ने दावा किया कि MMDR संशोधन लागू होने की स्थिति में झारखंड को लगभग ₹14,000 करोड़ के राजस्व नुकसान की आशंका है। उनके मुताबिक इसका असर राज्य की विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर भी पड़ सकता है। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में कुल ₹46,000 करोड़ के राजस्व संग्रहण लक्ष्य में से वाणिज्य-कर विभाग को अकेले ₹24,000 करोड़ का लक्ष्य दिया है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना और मानव संसाधन की कमी दूर करना सरकार की जिम्मेदारी है। वहीं अधिकारियों से कर चोरी रोकने, बकाया राजस्व की वसूली और अवैध खनिज परिवहन से GST को होने वाले नुकसान पर प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा की गई है। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि दिसंबर में होने वाली समीक्षात्मक बैठक में अधिकारियों के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। यदि किसी अधिकारी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया तो ऐसे अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में वाणिज्य-कर विभाग के सचिव, अपर आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त समेत विभाग के अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।संवेदनशील कारोबार क्षेत्रों पर विशेष नजर
GST Rationalisation से ₹4 हजार करोड़ के नुकसान का दावा
MMDR Amendment Act को लेकर जताई चिंता
वाणिज्य-कर विभाग को मिला ₹24 हजार करोड़ का लक्ष्य
दिसंबर की समीक्षा बैठक में होगा अधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन















