रांची:  JPSC-JSSC भर्ती घोटाले को लेकर झारखंड में सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भाजपा के 48 घंटे के अल्टीमेटम पर निशाना साधते हुए पार्टी की आंदोलन की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा 48 घंटे के भीतर राज्य के सभी 24 जिलों में एक साथ प्रदर्शन तक नहीं कर सकी।

राकेश सिन्हा ने दावा किया कि झारखंड में भाजपा टुकड़ों में बंट चुकी है और पार्टी के पास राज्यभर में एक साथ बड़ा आंदोलन करने के लिए पर्याप्त कार्यकर्ता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, लेकिन कार्यक्रम चार दिनों का घोषित किया गया।

‘भाजपा के कार्यकर्ता पार्टी से बना रहे दूरी’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ता पार्टी से दूरी बना रहे हैं। उनके मुताबिक, यही वजह है कि भाजपा 24 जिलों में एक साथ प्रदर्शन नहीं कर सकी।

सिन्हा ने भाजपा के 48 घंटे के अल्टीमेटम को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पार्टी के पास पर्याप्त संगठन और कार्यकर्ता हैं तो राज्यभर में एक साथ प्रदर्शन क्यों नहीं किया गया।

भाजपा ने सरकार को दिया था 48 घंटे का अल्टीमेटम

दरअसल, भाजपा ने JPSC-JSSC भर्ती घोटाले के मुद्दे पर राज्य सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। भाजपा की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में छात्रों को न्याय दिया जाए और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए।

भाजपा ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी थी। इसी को लेकर कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भाजपा पर पलटवार किया है।

JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर पहले भी उठे हैं सवाल

झारखंड में JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। पेपर लीक, अंकों में कथित हेरफेर और परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल से जुड़े आरोपों की जांच CID कर रही है।

सरकार की ओर से कुछ परीक्षाओं को रद्द भी किया जा चुका है। भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों और राजनीतिक दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं।

आरोप-प्रत्यारोप के बीच बढ़ी सियासी गर्मी

JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं का मामला अब राजनीतिक टकराव का मुद्दा बनता जा रहा है। भाजपा जहां छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेर रही है, वहीं कांग्रेस भाजपा के आंदोलन और 48 घंटे के अल्टीमेटम पर सवाल उठा रही है।