रांची:  झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड पर्यटन विकास निगम (JTDC) में लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारी राकेश कुमार के नियमितीकरण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की एकल पीठ ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए सेवा को 20 फरवरी 2001 से नियमित करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने संबंधित विभाग को प्रभावी तिथि से कर्मचारी को मिलने वाले सभी वित्तीय और सेवा संबंधी परिणामी लाभ प्रदान करने का भी आदेश दिया है। इस फैसले से लंबे समय से नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे JTDC के कर्मचारियों के बीच उम्मीद जगी है।

1993 से लगातार सेवा का मामला

याचिका में बताया गया कि राकेश कुमार वर्ष 1993 से लगातार और बिना किसी व्यवधान के निगम में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इसके बावजूद उनकी सेवा को नियमित नहीं किया गया था।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष कर्मचारी की लंबे समय से चली आ रही सेवा और नियमितीकरण से जुड़े अधिकारों का मुद्दा रखा गया। अदालत ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए सेवा नियमितीकरण के संबंध में निर्देश जारी किया।

20 फरवरी 2001 से माना जाएगा नियमितीकरण

हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राकेश कुमार की सेवा 20 फरवरी 2001 से नियमित मानी जाए। इसके साथ ही इस प्रभावी तिथि से जुड़े सभी परिणामी सेवा एवं वित्तीय लाभ भी उन्हें देने का आदेश दिया गया है।

इसका असर कर्मचारी की सेवा अवधि से जुड़े विभिन्न वैधानिक लाभों पर पड़ सकता है। हालांकि, आदेश के तहत मिलने वाले लाभों का वास्तविक निर्धारण संबंधित विभाग द्वारा न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा।

वरीय अधिवक्ता मनोज टंडन ने रखा पक्ष

याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता मनोज टंडन ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। उनकी ओर से दलील दी गई कि राकेश कुमार लंबे समय से निगम में स्वीकृत कार्य के तहत लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमितीकरण का लाभ नहीं दिया गया।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि वर्षों तक सेवा लेने के बाद कर्मचारी को उसके वैधानिक अधिकारों से वंचित रखना उचित नहीं है। अदालत ने मामले के तथ्यों और प्रस्तुत दलीलों पर विचार करने के बाद याचिका स्वीकार करते हुए नियमितीकरण का आदेश दिया।

अन्य JTDC कर्मियों में भी जगी उम्मीद

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद झारखंड पर्यटन विकास निगम में लंबे समय से दैनिक वेतन, संविदा या अन्य अस्थायी व्यवस्था के तहत काम कर रहे कर्मियों के बीच भी उम्मीद बढ़ी है।

हालांकि, इस फैसले का लाभ किन अन्य कर्मचारियों पर लागू होगा, यह उनके मामले के तथ्यों और संबंधित कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करेगा। फिलहाल राकेश कुमार को अदालत के आदेश से सेवा नियमितीकरण और उससे जुड़े परिणामी लाभ का रास्ता साफ हुआ है।

लंबे समय से चल रही थी नियमितीकरण की मांग

JTDC समेत विभिन्न सरकारी एवं सार्वजनिक संस्थानों में लंबे समय से कार्यरत अस्थायी कर्मियों के नियमितीकरण का मुद्दा समय-समय पर अदालतों के सामने आता रहा है। ऐसे मामलों में कर्मचारियों की लंबी सेवा, नियुक्ति की प्रकृति, स्वीकृत पद और लागू सरकारी नियम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राकेश कुमार के मामले में हाईकोर्ट का यह आदेश इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अदालत ने सेवा को 20 फरवरी 2001 से नियमित करने का निर्देश दिया है और साथ ही उससे जुड़े परिणामी लाभ देने को भी कहा है।

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