जामताड़ा: जामताड़ा प्रखंड अंतर्गत सोनबाद गांव में विजयदशमी के पावन अवसर पर बुधवार को दुर्गा पूजा का पर्व धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गांव के नवनिर्मित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में पहली बार भव्य दुर्गा पूजा मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मां दुर्गा की पूजा-अर्चना से पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

सोनबाद पंचायत स्थित नवनिर्मित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में पहली बार आयोजित इस धार्मिक उत्सव को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह रहा। विजयदशमी के दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। लोगों ने मां दुर्गा के दर्शन कर परिवार और गांव में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मेले के आयोजन से पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

पहली बार आयोजन से ग्रामीणों में खुशी

दुर्गा मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में पहली बार इतने भव्य रूप में दुर्गा पूजा और मेले का आयोजन किया गया है। यह ग्रामीणों की आस्था, एकता और सामूहिक सहयोग का प्रतीक है। समिति के अनुसार, ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों को आपस में जोड़ने के साथ सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करते हैं।

समिति की ओर से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के माहौल में मनाने की अपील की गई। साथ ही आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

ग्रामीणों की रही सक्रिय भागीदारी

विजयदशमी के अवसर पर आयोजित दुर्गा पूजा मेले में माथुर दान, बेदनाथ सिंह, सहदेव दान, तापस रक्षित, मनोरंजन डे, नितेश डे, प्रह्लाद दान, मनजीत दत्ता, चिरंजीत दान, विजय दत्ता, शिबू दत्ता, राजकिरण दान, सुवजीत, मिहिर दान, चंदन, बादल दत्ता, आशीष रक्षित, सीताराम, नारायण दत्ता, गाजू, तारकनाथ नाग, बिपिन रक्षित, गोविंद दत्ता, झुम्पा, प्रकाश दान, हरिबोल दान, गोपीनाथ दत्ता, अर्जुन दत्ता, सुमंत समंत, सुकुमार नाग, मनोज सिंह, पूरन दान, उद्धव दत्ता, जितेन दत्ता, समीर दत्ता, राजेश रक्षित, सार्थक दत्ता, संपत डे, मंतोष, परिमल सिंह, संजीत और आनंद सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से आयोजित इस धार्मिक उत्सव ने सोनबाद गांव में उत्साह और उल्लास का माहौल बना दिया। समिति ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी इसी तरह एकता, सहयोग और भाईचारे के साथ दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मां दुर्गा से गांव और पूरे क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की गई।