जामताड़ा : जामताड़ा पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महाराष्ट्र के गैस उपभोक्ताओं को गैस सेवा अपडेट करने के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजकर उनके मोबाइल की महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने वाले साइबर गिरोह से जुड़ा था। पुलिस ने आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए हैं।

गुप्त सूचना पर कोड़ाटांड़ में छापेमारी

पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर अपराध थाना पुलिस ने कार्रवाई की। साइबर अपराध थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में टीम गठित कर करमाटांड़ थाना क्षेत्र के कोड़ाटांड़ गांव में छापेमारी की गई।

पुलिस ने गांव में बसंत कुमार मंडल (23) के घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कोड़ाटांड़ गांव का ही रहने वाला है।

महाराष्ट्र के गैस उपभोक्ताओं को बनाता था निशाना

पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी महाराष्ट्र के उपभोक्ताओं को महाराष्ट्र नेचुरल गैस लिमिटेड (MNGL) की सेवा अपडेट करने के नाम पर निशाना बनाते थे। इसके लिए मोबाइल पर फर्जी APK फाइल भेजी जाती थी।

पुलिस का कहना है कि उपभोक्ता के APK इंस्टॉल करने के बाद मोबाइल में मौजूद महत्वपूर्ण जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच सकती थी। इसके बाद इस जानकारी का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था। पुलिस को इस नेटवर्क के देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय होने की जानकारी मिली है।

तीन मोबाइल और चार सिम बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए हैं। बरामद उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और साइबर ठगी के मामलों की जानकारी जुटाने में लगी है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

इस मामले में साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 56/26, दिनांक 8 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338 और 340(2) के अलावा आईटी एक्ट की धारा 66(B), 66(C), 66(D) तथा Telecommunications Act 2023 की धारा 42(3)(e) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की जांच जारी है।

छापेमारी टीम में ये अधिकारी रहे शामिल

कार्रवाई करने वाली टीम में साइबर अपराध थाना प्रभारी पु०नि० राजेश मंडल, पु०नि० कृष्णा कुमार, पु०अ०नि० हीरालाल महतो और रिजर्व गार्ड के हवलदार शामिल थे।

Cyber Fraud से बचने के लिए रहें सतर्क

पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर यह दिखाती है कि साइबर अपराधी मोबाइल अपडेट, गैस कनेक्शन, बिजली बिल और अन्य सेवाओं के नाम पर लोगों को फर्जी APK इंस्टॉल कराने का झांसा दे सकते हैं। अनजान नंबर से आई APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक या फाइल पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें।