पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों को उद्यमिता और ऑनलाइन बिक्री के गुर बताए गए
जामताड़ा: पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को पारंपरिक हुनर के साथ आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ने के उद्देश्य से बुधवार को समाहरणालय स्थित एसजीएसवाई सभागार में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को योजना के प्रावधानों के साथ-साथ व्यवसाय संचालन, बाजार, डिजिटल माध्यम और ऑनलाइन बिक्री से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उपायुक्त आलोक कुमार ने लाभार्थियों को पीएम विश्वकर्मा योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों का हुनर देश की कला, संस्कृति और परंपरा की पहचान है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर डिजाइन और प्रभावी मार्केटिंग को अपनाकर कारीगर अपने उत्पादों को स्थानीय बाजार से निकालकर बड़े बाजार तक पहुंचा सकते हैं। इससे उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। उपायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को सम्मान और पहचान देने के साथ उन्हें कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत कुम्हार, बढ़ई, लोहार, सोनार, राजमिस्त्री समेत कुल 18 ट्रेड से जुड़े पात्र कारीगरों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने लाभार्थियों को व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। इनमें प्रमुख रूप से उद्यमिता विकास, उत्पादों की कीमत तय करने की रणनीति, बाजार के रुझान, वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता और बिक्री रणनीति शामिल रहे। इसके अलावा उत्पादों की पैकेजिंग, लेबलिंग, डिजाइन, ऑनलाइन बिक्री और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑन-बोर्डिंग के बारे में भी जानकारी दी गई। लाभार्थियों को बताया गया कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर वे अपने उत्पादों को व्यापक ग्राहक वर्ग तक पहुंचा सकते हैं। उपायुक्त ने संबंधित विभागों और बैंकों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों को ऋण और योजना से जुड़ी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि गांव और पंचायत स्तर पर स्थानीय हुनर को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ा जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों के पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी। कार्यक्रम में महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, सहायक निदेशक एमएसएमई, एलडीएम समेत विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के जरिए पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को पारंपरिक कौशल को आधुनिक व्यवसाय मॉडल से जोड़ने और अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने की दिशा में जानकारी दी गई।आधुनिक तकनीक से बड़े बाजार तक पहुंच सकता है हुनर
18 ट्रेड से जुड़े कारीगरों को मिल रही सुविधाएं
उद्यमिता से लेकर ई-कॉमर्स तक की दी गई जानकारी
ऋण और सुविधाएं दिलाने में परेशानी नहीं हो : उपायुक्त
अधिकारी और पदाधिकारी रहे मौजूद















