सिंधु जल संधि पर भारत का रुख बरकरार, विदेश मंत्रालय ने कहा- स्थिति में कोई बदलाव नहीं
नई दिल्ली: सिंधु जल संधि को लेकर भारत ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि सिंधु जल संधि पर भारत की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत का रुख पहले से स्पष्ट है। विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रणधीर जायसवाल ने कहा, “सिंधु संधि पर हमारा रुख सभी को पता है। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।” विदेश मंत्रालय का यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की हालिया टिप्पणी के बाद आया है। शरीफ ने पानी को पाकिस्तान के लिए ‘रेड लाइन’ बताते हुए चेतावनी दी थी कि अगर भारत ने पानी रोकने की कोशिश की तो पाकिस्तान इसका कड़ा जवाब देगा। इसके बाद सिंधु जल संधि को लेकर दोनों देशों के बीच बयानबाजी फिर तेज हो गई है। भारत लगातार इस मुद्दे पर अपने पुराने रुख को दोहरा रहा है। भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित (abeyance) कर दिया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को पूरी तरह और विश्वसनीय तरीके से समाप्त नहीं करता, तब तक संधि को पुराने स्वरूप में बहाल नहीं किया जाएगा। भारत का यह रुख पाकिस्तान के साथ आतंकवाद के मुद्दे को लेकर अपनाई गई व्यापक नीति का हिस्सा है। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रणधीर जायसवाल ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए भारत की स्थिति दोहराई। विदेश मंत्रालय इससे पहले भी कई मौकों पर इन क्षेत्रों को लेकर भारत के आधिकारिक रुख को स्पष्ट कर चुका है। सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्रालय का ताजा बयान इस बात का संकेत है कि फिलहाल भारत अपने मौजूदा रुख में किसी बदलाव के लिए तैयार नहीं है।पाकिस्तान की चेतावनी के बाद आया भारत का बयान
पहलगाम हमले के बाद संधि पर भारत ने लिया था फैसला
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर भी भारत ने दोहराया रुख














