रांची: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज यानी FJCCI चुनाव के परिणाम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मतदान और मतगणना के बाद अब चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। चुनाव रद्द करने या चार विजेताओं को अयोग्य घोषित करने की मांग सामने आई है।

चुनाव में उतरी P21 टीम के सदस्यों ने मंगलवार को चुनाव पदाधिकारियों के समक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी कथित खामियों को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की बात कही है। इससे पहले मतदाता और व्यवसायी दिलबीर सिंह भी चुनाव में कथित बोगस वोटिंग को लेकर सवाल उठा चुके हैं।

चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल

P21 टीम की नेतृत्वकर्ता पूनम आनंद ने चुनाव प्रबंधन में गंभीर खामियों का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का हवाला देते हुए टीम की ओर से दावा किया गया है कि चार विजेताओं ने कथित तौर पर मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया।

टीम का दावा है कि वीडियो फुटेज में पीली टी-शर्ट पहने चार लोग कुछ मतदाताओं से बातचीत करते या उन्हें अपने साथ ले जाते दिखाई दे रहे हैं। पूनम आनंद ने इन चार लोगों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चार पूर्व अध्यक्षों को कार्यकारिणी में शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा है।

मतदान व्यवस्था को लेकर भी आपत्ति

P21 टीम का आरोप है कि मतदान स्थल पर पूर्व अध्यक्षों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। टीम के मुताबिक, पूर्व अध्यक्ष कई बार मतदान परिसर से बाहर आते थे और मतदाताओं से मुलाकात करने के बाद दोबारा अंदर चले जाते थे।

P21 टीम का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था से मतदाताओं के प्रभावित होने की आशंका बनी रही और चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए।

टीम के मुताबिक, इस संबंध में चुनाव पदाधिकारी पवन शर्मा के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई गई है।

हालांकि, चुनाव पदाधिकारी पवन शर्मा ने ऐसी किसी शिकायत के मिलने से इनकार किया है। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई है और अब तक उनके पास किसी ने औपचारिक आपत्ति दर्ज नहीं कराई है।

बोगस वोटिंग के आरोप भी सामने आए

FJCCI का मतदान रविवार 13 सितंबर को हुआ था और उसी दिन चुनाव परिणाम भी घोषित किए गए थे। इसके बाद सोमवार को मतदाता और व्यवसायी दिलबीर सिंह ने चुनाव में कथित बोगस वोटिंग का आरोप लगाया।

मंगलवार को दिलबीर सिंह इस संबंध में चुनाव समिति को भेजे गए ईमेल का जवाब लेने चैंबर भवन पहुंचे। उनका आरोप है कि मौके पर उन्हें इस मामले में कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

फिलहाल चुनाव परिणाम को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक तरफ P21 टीम और कुछ मतदाताओं की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं चुनाव पदाधिकारी इन आरोपों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अब यह देखना होगा कि चुनाव समिति इन आपत्तियों और आरोपों पर आगे क्या कदम उठाती है।