पुतिन के भारत दौरे के बाद रूस पहुंचे सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सहयोग और सैन्य साझेदारी पर होगी चर्चा
नई दिल्ली: भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा और सैन्य सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ 16 से 18 सितंबर तक रूस के आधिकारिक दौरे पर हैं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और रूस के शीर्ष नेतृत्व के बीच हाल में द्विपक्षीय सहयोग को लेकर बातचीत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान रक्षा समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की थी। जनरल धीरज सेठ के रूस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य-से-सैन्य सहयोग को आगे बढ़ाना और रक्षा संबंधों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना है। यह यात्रा लगभग छह साल बाद किसी सेवारत भारतीय थलसेना प्रमुख की रूस यात्रा भी है। इससे पहले जनरल बिपिन रावत ने अक्टूबर 2018 में रूस का दौरा किया था। दौरे के दौरान जनरल सेठ रूस की थलसेना के कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल आंद्रेई मोर्दविचेव से मुलाकात करेंगे। दोनों पक्ष सैन्य सहयोग, प्रशिक्षण, पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान और आपसी हित से जुड़े रक्षा मुद्दों पर बातचीत करेंगे। रिपोर्टों के अनुसार, बातचीत में रूसी मूल के सैन्य उपकरणों के रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और आपूर्ति से जुड़े मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं। रूस की ओर से कुछ नए सैन्य प्लेटफॉर्म और प्रणालियों से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना बताई गई है। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम और इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल जैसे विकल्प शामिल हैं। रूस पहुंचने पर जनरल धीरज सेठ को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। वह मॉस्को स्थित टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर पर श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे। इसके अलावा रूसी रक्षा अधिकारियों और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ उनकी बैठकें प्रस्तावित हैं। दौरे के अगले चरण में जनरल सेठ सेंट पीटर्सबर्ग जाएंगे, जहां सैन्य संस्थानों के अधिकारियों और फैकल्टी के साथ बातचीत का कार्यक्रम है। इस दौरान सैन्य प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी। भारत और रूस के बीच दशकों से रक्षा सहयोग रहा है। भारतीय सशस्त्र बलों में रूसी मूल के कई सैन्य प्लेटफॉर्म और प्रणालियां लंबे समय से सेवा में हैं। हालांकि भारत पिछले कुछ वर्षों में रक्षा खरीद के स्रोतों में विविधता लाने और स्वदेशी रक्षा उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दे रहा है। 🇷🇺 रूसी थलसेना प्रमुख से मुलाकात
रक्षा उपकरण और सैन्य सहयोग पर भी चर्चा
मॉस्को में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम
सेंट पीटर्सबर्ग में सैन्य अकादमी का दौरा
🇮🇳🇷🇺 भारत-रूस रक्षा संबंध














