नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज में स्टूडेंट यूनियन चुनाव के लिए दाखिल छह नामांकन रद्द होने के बाद छात्रों ने जमकर हंगामा किया। नाराज छात्रों ने प्रिंसिपल ऑफिस का घेराव करते हुए प्रदर्शन और नारेबाजी की। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति शांत हुई।

दरअसल, डीयू के कॉलेजों में DUSU के तहत छात्रसंघ चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया चल रही है। दयाल सिंह कॉलेज में अध्यक्ष और CR पदों के लिए छह छात्रों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन रद्द किए जाने को लेकर छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।

कॉलेज की ग्रीवांस कमिटी के मुताबिक, चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक प्रत्याशी के लिए एक लाख रुपये का श्योरिटी बॉन्ड देना अनिवार्य था। इसका उद्देश्य कॉलेज परिसर में डिफेसमेंट होने की स्थिति में निर्धारित नियमों के तहत गारंटर से राशि की वसूली करना है।

कमिटी के अनुसार, संबंधित छात्रों ने श्योरिटी बॉन्ड में गारंटर के स्थान पर खुद हस्ताक्षर कर दिए, जिसे नियमों के अनुरूप नहीं माना गया। इसी आधार पर छह नामांकन रद्द किए जाने की बात सामने आई है। बताया गया है कि दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद यह बॉन्ड चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है।

नामांकन रद्द होने की जानकारी के बाद छात्रों ने कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने प्रिंसिपल कार्यालय का घेराव किया और नारेबाजी की। पुलिस के मौके पर पहुंचने और हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

JMC और मैत्रेयी कॉलेज में हॉस्टल की मांग

इसी बीच छात्र संगठन क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) ने मंगलवार को जीसस एंड मेरी कॉलेज (JMC) और मैत्रेयी कॉलेज की प्रिंसिपल से मुलाकात कर जरूरतमंद बाहरी छात्राओं के लिए हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।

KYS ने दोनों कॉलेज प्रशासन को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। संगठन के मुताबिक, प्रदर्शन की चेतावनी के बाद JMC की प्रिंसिपल ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।

संगठन ने बताया कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद छात्राओं के लिए सुरक्षित हॉस्टल सुविधा की मांग को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। KYS का कहना है कि JMC में हॉस्टल की सुविधा नहीं है, जबकि मैत्रेयी कॉलेज में हॉस्टल की क्षमता सीमित है।

संगठन ने दोनों कॉलेजों में हॉस्टल की सुविधा बढ़ाने की मांग की है। KYS के अनुसार, हॉस्टल की कमी के कारण कई छात्राओं को कॉलेज के आसपास महंगे PG या किराये के कमरों में रहना पड़ता है।

KYS ने कॉलेज प्रशासन से छात्राओं के लिए सुरक्षित और किफायती आवास व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा है कि हॉस्टल के मुद्दे को लेकर उसका अभियान आगे भी जारी रहेगा।