रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत रांची रोड स्थित पल्स अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतका के पिता ने झारखंड सरकार स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।जानकारी के अनुसार कुजू थाना क्षेत्र के ग्राम मुरपा निवासी शंभू लाल ठाकुर की पुत्री दीपिका कुमारी की शादी तीन वर्ष पूर्व अभिषेक कुमार के साथ हुई थी। 2 मार्च 2026 को दीपिका कुमारी को प्रसव के लिए रामगढ़ के रांची रोड स्थित पल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने पहले सामान्य प्रसव का भरोसा दिया लेकिन बाद में ऑपरेशन कर पुत्र का जन्म कराया गया।मृतका के पिता शंभू लाल ठाकुर का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया देने और सर्जरी में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद करीब चार घंटे तक अस्पताल प्रबंधन ने मरीज और नवजात की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी और परिजनों को मिलने भी नहीं दिया गया।परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टरों से मरीज की स्थिति के बारे में पूछा तो अचानक हालत गंभीर बताकर रांची रेफर करने की बात कही गई। उनका कहना है कि गंभीर स्थिति में भी दीपिका को पर्याप्त मेडिकल सुविधा और ऑक्सीजन के बिना एम्बुलेंस से रांची भेज दिया गया।परिजनों के अनुसार 3 मार्च की रात करीब 2 बजे दीपिका को रांची के मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान कुछ ही घंटों बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पिता का कहना है कि मेडिका अस्पताल के डॉक्टरों ने भी बताया कि यदि मरीज को समय पर लाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।परिजनों का आरोप है कि पल्स अस्पताल की लापरवाही के कारण उनकी बेटी की मौत हुई है और नवजात बच्चा भी गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर है।मृतका के पिता शंभू लाल ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार झारखंड सरकार उपायुक्त रामगढ़ और सिविल सर्जन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने दोषी डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई करने अस्पताल को सील करने और जिम्मेदार चिकित्सकों का लाइसेंस रद्द करने की मांग की है।परिजनों ने कहा कि बेटी की असमय मौत का दर्द केवल एक पिता ही समझ सकता है और उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।